Pitbull Lucknow: माँ से प्यारा हत्यारा कुत्ता

कलयुगी बेटे को माँ से ज़्यादा क़ातिल पिटबुल से प्यार 
 
 
Pitbull Lucknow

लखनऊ: कोई पालतू कुत्ता अगर उसके मालिक की बूढी माँ को नोच नोच कर खा जाए और उसकी मौत हो जाये और इसके बाद भी बेटा उस कुत्ते को पाने के लिए बेचैन रहे और उसे दोबारा घर ले आये तो उसे आप क्या कहेंगे? यही न कि उसे अपनी माँ से ज़्यादा अपने कुत्ते से प्यार है. ऐसे बेटे को आप क्या कहेंगे जो कुत्ते के प्यार में माँ की मौत को भी भुला बैठा। कलयुगी औलाद न!

बात दरअसल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है जहाँ कुछ दिन पहले एक दर्दनाक हादसा हुआ था. हादसा कुछ ऐसा था कि अमित त्रिपाठी नाम के शख्स ने अपने घर में एक पिटबुल पाल रखा था. एकदिन वह पिटबुल इतना उग्र हो गया और उसने अमित त्रिपाठी की बूढी माँ जो उस समय घर में अकेली थी को नोच नोचकर मार डाला। यह दर्दनाक घटना अख़बारों और न्यूज़ टीवी चैनलों की सुर्खियां बनी. लखनऊ नगर निगम ने एक्शन लिया और उस पिटबुल को अपनी कस्टडी में ले लिया लेकिन अपनी माँ के हत्यारे कुत्ते को दोबारा पाने के लिए अमित त्रिपाठी बेचैन रहा और लखनऊ नगर निगम को लगातार अपना कुत्ता वापस देने का अनुरोध करता रहा. आखिरकार एलएमसी ने उसके अनुरोध को मान लिया और उसे पिटबुल वापस करने का निर्णय ले लिया। 

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माँ के हत्यारे पिटबुल को पाने के लिए अमित त्रिपाठी ने लखनऊ नगर निगम की तमाम शर्तें मानी हैं जिनके मुताबिक उसे इस जानवर को रोज़ाना ट्रेनर के पास ले जाना होगा, उसके व्यवहार का आकलन करने के लिए उसे एक व्यवहार विशेषज्ञ के पास ले जाना होगा। अगर अमित त्रिपाठी की ओर से इन शर्तों शर्तों का उल्लंघन किया गया तो कुत्ते को एलएमसी द्वारा फिर से जब्त कर लिया जाएगा।

एलएमसी के पशु कल्याण निदेशक डॉ अरविंद राव के मुताबिक कुत्ते को निगरानी में रखने की 14 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद मालिक कुत्ते को सौंपने के अनुरोध के साथ हमसे संपर्क कर रहा था। उन्होंने बताया कि एलएमसी को हत्यारे पिटबुल को गोद लेने के लिए 20 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। लेकिन हमने सोचा कि कुत्ते को किसी और को देने के बजाय इसे उसके मालिक को वापस दे दिया जाए। वहीँ एलएमसी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिनव वर्मा ने कहा, “एलएमसी टीम और प्रशिक्षक कुत्ते का दौरा करते रहेंगे। एलएमसी यह सुनिश्चित करेगा कि कुत्ते का इस्तेमाल कुत्ते से लड़ने या दूसरों को डराने जैसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता है। एलएमसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि कुत्ते को साफ, विशाल जगह पर रखा जाए और एक निश्चित समय पर उसे उचित आहार दिया जाए।