Gyanvapi Hearing: ज्ञानवापी प्रकरण में हिंदू पक्ष हुआ दो फाड़,एक पक्ष मुकदमा खारिज करने में जुटा

 
Gyanvapi Hearing

वाराणसी। ज्ञानवापी प्रकरण पर आज जहां जिला जज की अदालत में पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है। वहीं दूसरी ओर मुकदमा दायर करने वाला हिंदू पक्ष दो फाड़ नजर आ रहा है। एक दिन पहले सोमवार को एक पक्ष ने नया संगठन व ट्रस्ट बनाया था। जिसके बाद विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने आज मंगलवार को अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। उन्होंने कहा कि वो मुकदमा खारिज कराने में जुटे हैं। यही नहीं बिसेन ले तो अधिवक्ता जैन को इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर का सदस्य करार दे दिया।

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विसेन ने कहा है कि इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर संरक्षक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। ये संस्था हिंदुओं की हितैषी कभी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि जैन की मंशा कभी साफ नहीं है। उनका मकसद सुर्खियों में बने रहना है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता जैन पर मुल्क के अमनचैन को बर्बाद करने पर तुले हैं। वो इतने पर भी नहीं रुके और कहा कि अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन प्रतिवादियों के साथ मिलकर मुकदमा खारिज कराने में जुटे हुए हैं। हम अपने दावों को लेकर संवैधानिक तरीके से कानूनी लड़ाई लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपना मुकदमा अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से आगे देख लेंगे।


विसेन का कहना है कि अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने 26 मई 2022 को श्रृंगार गौरी मामले की वादिनी सीता साहू,मंजू व्यास,रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी के हस्ताक्षर से वकालतनामा पेश किया। उसमें मां श्रृंगार गौरी मामले की मुख्य वादी राखी सिंह शामिल नहीं रहीं। बता दें कि विसेन इस मुकदमें की चा वादी महिलाओं में से एक दिल्ली की राखी सिंह के प​ति हैं।

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विसेन ने कहा कि विष्णु शंकर जैन ने राज्य के खिलाफ वकालतनामा कैसे पेश किया। वो सुप्रीम कोर्ट में उप्र सरकार के अधिवक्ता हैं। ऐसे में स्टेट का अधिवक्ता उसी के खिलाफ मुकदमा में अपना वकालतनामा दाखिल नहीं कर सकता। इसी बिना पर प्रतिवादी हमारे दावे और तर्कों को खारिज कराने की साजिश चल रही है। इस तरह से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन साजिश रच दावा खत्म कराने में जुटे हैं। उन्होंने वकालतनामा इसलिए लगाया ताकि मुकदमा खारिज हो सके।