क्या ख़त्म हो गया हिन्दू युवा वाहिनी का वजूद?

 
क्या ख़त्म हो गया हिन्दू युवा वाहिनी का वजूद?

योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक वजूद गढ़ने, उन्हें एक पहचान दिलाने और मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाने में अहम् भूमिका निभाने वाले संगठन हिन्दू युवा वाहिनी अब अतीत की बात बन चूका है क्योंकि अब यह संगठन पूरी तरह ख़त्म हो चूका है, इसकी हर छोटी बड़ी इकाई को पूरी तरह भंग  कर दिया गया है और यह सब योगी के आदित्यनाथ के निर्देश पर ही हुआ है जिसे उन्होंने कभी पाला पोसा और बड़ा किया था. 

वैसे तो इस संगठन को योगी आदित्यनाथ ने पहले ही भंग करने का निर्देश दे दिया था लेकिन इसकी कुछ इकाइयां काम कर रही थी, मोहल्लों में बने कार्यालयों पर बोर्ड भी टंगे हुए थे लेकिन आज के बाद से हिंदू युवा वाहिनी जैसा कोई संगठन वजूद में नहीं होगा.इस दक्षिण पंथी विचारधारा वाले संगठन की शुरुआत गोरखपुर में करीब 20 साल पहले हुई. इसकी स्थापना में योगी आदित्यनाथ का गहरा संबंध है क्योंकि वह गोरखपुर मठ के महंत भी हैं और सांसद भी. वैसे तो यह संगठन अपने को एक सामाजिक और सांस्कृतिक कहलाना पसंद करता है लेकिन सभी जानते हैं कि कट्टर हिन्दुवाद ही इसकी पहचान है. 

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हालाँकि संगठन के प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र सिंह की माने तो संगठन को समाप्त नहीं किया गया है और जल्द ही सभी कार्यकारिणी की इकाइयों का दोबारा गठन होगा.उनके मुताबिक पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत ही इन यूनिटों को भंग कर दिया गया है. उनके मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में इस हिन्दू युवा वाहिनी ने बीजेपी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर योगी आदित्यनाथ के सपोर्ट में ज़ोरदार प्रचार प्रसार किया था.