Agnipath के विरोध में गरजे किसान,राष्ट्रपति से योजना खत्म करने की मांग

 
IANS-CVoter National Mood Tracker: Large number of Indians believe protests against Agnipath will die down slowly

मेरठ। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज किसानों ने सरकार की सेना भर्ती को लेकर चलाई जा रही अग्निवीर योजना के विरोध में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। किसानों की मांग थी कि ये कानून वापस लिया जाए। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। प्रशासन को दिए ज्ञापन में कहा है कि देश में जवान और किसान के अभिन्न रिश्ते से आप परिचित हैं। इसलिए हम भारत के जवान और किसान इस उम्मीद के साथ आपसे यह अपील कर रहे हैं कि आप 'अग्निपथ' योजना से देश, जवान और किसान के भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोकेंगे। केंद्र सरकार भारतीय सेना में भर्ती की पुरानी पद्धति को खत्म कर "अग्निपथ" नामक एक नई योजना लाई है। इस नई योजना के के तहत सेना की भर्ती में कई बड़े और दूरगामी बदलाव एक साथ किए गए हैं।

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सेना में जवानों की पक्की नौकरी में सीधी भर्ती बंद कर दी गई है। थल सेना और वायु सेना में जो पक्की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी (जिसमें फाइनल टेस्ट या नियुक्ति पत्र जारी करने बाकी थे) उसे भी रद्द कर दिया गया है। अब से सेना में भर्ती सिर्फ 4 साल के कॉन्ट्रैक्ट की नौकरी के जरिए होगी। अग्निवीर नामक इन अस्थाई कर्मचारियों को न तो कोई रैंक दिया जाएगा न ही चार साल के बाद कोई ग्रेच्युटी या पेंशन। चार साल की सेवा समाप्त होने के बाद इनमें से एक चौथाई या उससे भी कम को ही सेना में पक्की नौकरी दी जाएगी।

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वर्ष 2020 में हुई पिछली भर्ती में 87,000 नियुक्तियों की जगह इस योजना के पहले साल में सिर्फ 46,000 और पहले चार साल में कुल दो लाख अग्निवीरों को नियुक्त किया जाएगा। अब तक चले आ रहे रेजीमेंट आधारित क्षेत्र समुदाय कोटा की जगह सभी भर्तियां "ऑल इंडिया ऑल क्लास" के आधार पर होगी। संयुक्त किसान मोर्चा से ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से केंद्र सरकार की इस योजना को खत्म करने की मांग की।