Tomato Rate: एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी आजादपुर में भी टमाटर का भाव इस समय 100—120 रुपए किलो है। यानी जब इतनी बड़ी सब्जी मंडी में टमाटर का ये भाव है तो सोचिए इस समय देश के अन्य हिस्सों में टमाटर के भाव का क्या हाल होगा। टमाटर की कीमत में इतनी अधिक बढ़ोतरी का कारण फसल कम पैदा होना है। एक पखवाड़े पहले यही टमाटर बाजार में 10 से 20 रुपए किलो के दाम पर बिक रहा था। बारिश के मौसम में सब्जियों का महंगा होना नई बात नहीं है। हर साल बारिश में सब्जियों की आवक कमजोर होती है। सब्जियों के दाम चढ़ते हैं। लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार टमाटर का भाव दोगुने हुआ है।
पिछले साल इसी मौसम में आजादपुर सब्जी मंडी में टमाटर 40 से 50 रुपए बिक रहा था। जो खुले बाजार में लोगों को 80 से 100 रुपए में खरीद रहे थे। लेकिन इस बार मंडी में टमाटर का भाव 90 से 100 रुपए किलो है। जिससे खुदरा में टमाटर की कीमत 120 से 180 रुपए हो गई है। इस साल सब्जियों का दाम अधिक है। बारिश के कारण फसल बाजार में कम पहुंच रही है। जिससे कीमतों में बढ़ोतरी हो गई। बारिश ने खलल डालना बंद नहीं किया तो टमाटर और दूसरी सब्जियों का भाव लगभग एक महीने तक ऐसे ही रहेगा। यानी टमाटर का भाव एक महीने बाद ही कम होगा।
बारिश से बर्बाद हुई पौध
पिछले सीजन में टमाटर के लिए दो से तीन रुपए कीमत मिल रही थी। किसानों की लागत नहीं निकल रही थी। इस बार किसानों ने टमाटर की अधिक फसल नहीं बोई। दूसरा बड़ा कारण रहा इस साल मार्च-अप्रैल से लेकर मई में लगातार बारिश होती रही। टमाटर की पौध लगाई जाती है, तब पानी उनके लिए खतरनाक साबित हो रहा था। इस बार किसानों की बहुत अधिक फसल अधिक पानी के कारण नष्ट हो गई।
कम कीमत ने खराब किया बाजार
पिछले साल किसानों को टमाटर के लिए दो-चार रुपए प्रति किलो का दाम मिला था। अधिकांश किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो गया था। यहां तक कि टमाटर फसल तोड़कर आढ़ती तक पहुंचाने का दाम नहीं निकल रहा था। परेशान किसानों ने टमाटर की फसल खेतों में सड़ने के लिए छोड़ दी। इसका परिणाम हुआ कि इस बार किसानों ने टमाटर की कम पौध लगाई।
अभी इसी साल लगभग एक महीने पहले प्रीमियम क्वॉलिटी का टमाटर 20 से 30 रुपए मिल रहा था। किसानों को इस साल भी दो से सात रुपए तक कीमत मिल रही थी। किसान कम कीमतों के कारण परेशान थे। लेकिन अचानक बारिश ने महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश की मंडियों से फसल की आवक रोक दी। जिससे टमाटर के भाव बढ़ गए।

