GST Council meeting: GST Council meeting आगामी 2 अगस्त को होने जा रही है। GST बोर्ड की बैठक में तय होगा कि ऑनलाइन गेमिंग कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर GST कैसे लगाया जाए। बता दें कि इस महीने शुरुआत में GST परिषद की 50वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत GST टैक्स लगाया था। जिसका विरोध शुरू हो गया था।
2 अगस्त को होने वाली GST परिषद की बैठक में अब ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत GST लागू करने पर फैसला होने की उम्मीद है।
GST Council लेगी अंतिम फैसला
इस महीने की शुरुआत में 50वीं बैठक में, देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली GST Council ने ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर अधिकतम 28 प्रतिशत कर लगाने का निर्णय किया था। जानकारों के अनुसार राज्यों के वित्त मंत्रियों का प्रतिनिधित्व करने वाली परिषद अंतिम निर्णय लेगी कि टैक्स, प्रवेश स्तर पर लगाया जाएगा या प्रत्येक दांव पर।
28 प्रतिशत जीएसटी की आलोचना
बता दें कि 50वीं GST Council में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाने के फैसले पर गेमिंग उद्योग ने भी विरोध किया था। जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और Minister of State for IT राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि GST Council को पुनर्विचार करना चाहिए। राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि अभी एक टिकाऊ और स्वीकार्य ऑनलाइन गेमिंग ढांचा विकसित करने की शुरुआत में हैं। एक बार ढांचा स्थापित हो जाने के बाद हम GST Council से संपर्क करेंगे और new regulator निर्देशों के आधार पर rethink का अनुरोध करेंगे।
गेमिंग इंडस्ट्री को खत्म करने का इरादा नहीं- निर्मला सीतारमण
50वीं परिषद की बैठक में लिए निर्णयों की जानकारी देते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि व्दसपदम गेमिंग और कैसीनो पर अधिक टैक्स लगाने का निर्णय उद्योग को खत्म करने का नहीं था। वित्त मंत्री ने कहा, online gaming पर जरूरी वस्तुओं के बराबर Tex नहीं लगाया जाएगा।
on line gaming परिभाषित करने को कानून में संशोधन संभव
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर टैक्स इस आधार पर लगाया जाएगा कि जिसमें किसी के साथ कोई भेदभाव ना हो। आनलाइन गेम के लिए कौशल की जरूरत है या वे संयोग पर आधारित हैं। ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसीनो को लॉटरी व जुए की तरह ‘कार्रवाई योग्य दावे’ के रूप में परिभाषित करने को जीएसटी कानून में संशोधन संसद के आगामी मानसून सत्र में हो सकता है।

