मेरठ। उप्र विधानसभा चुनाव 2022 (UP assembly election 2022) की शुरूआत से ही कहा जा रहा था कि ओवैसी कहीं न कहीं सपा और अन्य ऐसी पार्टियों को नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे। जिसका कि वोट बैंक मुस्लिम हैं। हालांकि इस बार मुस्लिम वोट बैंक बिखरा नहीं लेकिन फिर भी इस वोट बैंक (Vote bank) के भीतर सेंधमारी में असददुद्दीन ओवैसी की पार्टी इत्तेहादुल मजलिस-ए-मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम सफल रही। एआईएमआईएम ने जहां भी अपने उम्मीदवार खड़े किए वहां पर उन्होंने साइकिल को ही पंचर किया। पार्टी भले ही विधानसभा चुनाव में सीटा नहीं जीत पाई हो। लेकिन मुस्लिम वोटबैंक (Muslim vote bank) में सेधमारी करने में जरूर सफल रही। प्रदेश की 18 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में इस बार मुख्य मुकाबले में भाजपा और सपा ही आमने सामने थी। जबकि दूसरी पार्टियां भी चुनाव लड़ रही थी। लेकिन मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच था। कई सीटों एआईएमआईएम के उम्मीदवारों ने मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाकर सपा की दीवार को दरका दिया। जिन जिलों में एआईएमआईएम ने सपा को चोट पहुंचाने का काम किया उनमें बिजनौर, नकुड़, सुलतानपुर, औरई व शाहगंज विधानसभा की सीटें शामिल हैं।
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बिजनौर (Bijnor) में काफी नजदीकी मुकाबला हुआ। यहां पर भाजपा प्रत्याशी शुची ने 97165 मत प्राप्त किए। उन्होंने गठबंधन प्रत्याशी रालोद के नीरज चौधरी को 1455 वोटों से हरा दियां जबकि इसी सीट पर एआइएमआइएम प्रत्याशी मुनीर को 2290 मत प्राप्त हुए। यानी एआईएमआईएम प्रत्याशी ने इतने वोट पाकर रालोद प्रत्याशी नीरज चौधरी की जीत के दरवाजे बंद कर दिए। अगर एआईएमआईएम प्रत्याशी खड़ा नहीं होता तो तस्वीर कुछ और ही होती। कुछ ऐसा ही नकुड में हुआ जहां पर भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी मात्र 315 मतों से चुनाव जीते। नकुड में भी एआइएमआइएम प्रत्याशी रिजवान 3593 वोट लेने में सफल रहे। एआईएमआईएम प्रत्याशी तो चुनाव हार गए लेकिन उन्होंने भाजपा की जीत और सपा (SP) की हार पर मोहर लगा दी। बाराबंकी जिले की कुर्सी सीट पर सपा को मात्र 217 मतों से हार मिली। यहां पर एआईएमआईएम प्रत्याशी अशरफ खान को 8541 वोट मिले। जाहिर सी बात है एआईएमआईएम प्रत्याशी यहां पर नहीं होता तो सपा प्रत्याशी को जीतने से कोई नहीं रोक सकता था। बाकी सीटों पर भी यहीं हालात रहे।

