Telangana KCR Meets Akhilesh Yadav: तेलंगाना में भाजपा के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री केसीआर ने की अखिलेश से मुलाकात

 
Telangana KCR Meets Akhilesh Yadav

नई दिल्ली। तेलंगाना मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 2024 के आम चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस से अलग अन्य दलों को एकजुट करने की कोशिश शुरू कर दी है। अपनी इसी कोशिश के तहत केआरसी ने अब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट की। सपा सूत्रों की माने तो अखिलेश भी गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेसी दलों को एक मंच पर लाने के इच्छुक हैं। सपा सूत्रों का कहना है कि उनका कांग्रेस के साथ कोई राजनीतिक या चुनावी गठबंधन नहीं है और ना  आने वाले 2024 के आम चुनाव में होगा। सपा की स्थिति इस बारे में बिल्कुल साफ है। सपा नेता ने बताया कि गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेसी दलों की एकता के पक्ष में ही सपा अध्यक्ष और केसीआर ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि हम केसीआर की टीआरएस के साथ हैं। सपा कांग्रेस के साथ नहीं दिखेगी। चुनाव के बाद हम सामने आने वाले हालात के आधार पर ही फैसला लेंगे। सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन-चार दिनों से तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर दिल्ली में डेरा डाले हैं इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा के ही वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को अपने यहां लंच पर बुलाया। टीआरएस सूत्रों ने बताया कि उनकी चर्चा मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भाजपा से मुकाबला करने के अलावा गैर-कांग्रेसी दलों की एकजुटता पर केंद्रित थी।

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जबकि पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अगस्त के पहले सप्ताह में इसी मसले पर दिल्ली आने की संभावना है। उनके दौरे के दौरान गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों की बड़ी बैठक की संभावना बन रही है। हालांकि केसी राव अपनी महत्वाकांक्षा राष्ट्रीय राजनीति में जाहिर कर रहे हैं। लेकिन उनका फिलहाल में मुख्य उद्देश्य तेलंगाना में भाजपा के बढ़ते कदम को रोकना है। जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। टीआरएस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत पाया था। लेकिन बीजेपी की भी तेलंगाना में ताकत बढ़ रही है। 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों में चार सीटों पर विजय प्राप्त की थी। ये चार सीटें सिकंदराबाद, करीमनगर, निजामाबाद और आदिलाबाद थी।