Teesta Setalvad SC: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ FIR का आधार

 
Teesta Setalvad SC

ढाई महीने से जेल में बंद तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत के मामले में गुजरात सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की जमानत याचिका के खिलाफ दलीलों से शीर्ष अदालत असंतुष्ट दिखी. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ आपने किन आधारों पर एफआईआर दर्ज की, आपके पास क्या सामग्री है ? क्या हिरासत के दौरान पूछताछ में आपको कुछ मिला? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ सामान्य आईपीसी के आरोप हैं तो ऐसे में जमानत देने पर आपका विरोध क्यों, क्यों नहीं दी जानी चाहिए उन्हें  ज़मानत जबकि मामला एक महिला का है जो लगभग ढाई महीने से जेल में है.

सीजेआई ने सवाल किया कि क्या उच्च न्यायालय का जमानत की याचिका पर छह हफ्ते में जवाब मांगना सही माना जा सकता है. शीर्ष अदालत ने कहा कि महिला की जमानत के मामले में किस तरह का पैटर्न होना चाहिए? आप ने अपनी दलीलों में जो पहलु रखे वह सटीक नहीं हैं. CJI ने कहा कि अगर हम निचली अदालत से सीधे सुप्रीम कोर्ट आने वाले केसों को हटाने लगे तो सर्वाधिक मामले यहां केंद्र सरकार के आते हैं.

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CJI ने एसजी मेहता से पूछा कि क्या गुजरात हाई कोर्ट के काम करने का तरीका ऐसा है?’ सीजेआई ने कहा कि हाईकोर्ट को यह ध्यान रखना चाहिए था वह एक महिला है . सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या ज़मानत के मामले में जवाब दाखिल करने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया जाता है. शीर्ष अदालत ने  कहा कि आपकी दलीलों के बाद कोई भी सामग्री आरोपी के खिलाफ स्पष्ट नहीं होती. मामले की सुनवाई कल फिर होगी।