Car Airbag: कार में पीछे बैठे यात्रियों की सुरक्षा के लिए होंगे एयरबैग, नितिन गड़करी ने लोकसभा में बताया प्लान

 
Car Airbag

नई दिल्ली। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कारों में छह एयरबैग को अनिवार्य बनाने की चर्चा की है। गडकरी ने आज गुरुवार को लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार कारों में पीछे बैठने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। लोकसभा में केंद्रीय परिवहन मंत्री ने बताया कि अभी कारों में दो एयरबैग अनिवार्य हैं। पीछे के यात्रियों के लिए एयरबैग नहीं हैं। अब विभाग पीछे के यात्रियों के लिए एयरबैग रखवाने की कोशिश में है। जिससे उनकी जान बचाई जा सके। प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। सरकार जल्द ही निर्णय लेने का प्रयास करेगी।

 केंद्रीय मंत्री गडकरी इससे पहले कारों में छह एयरबैग को अनिवार्य करने पर जोर दे चुके हैं। हाल में उन्होंने दोहरे मापदंड अपनाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों को लताड़ लगाई थी। गडकरी ने कहा था कि हर इंसान की जिंदगी कीमती होती है। अधिकांश कार कंपनियां विदेश में सुरक्षा मानकों का ख्याल रखती हैं। भारत में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करती हैं। गडकरी ने कहा कि हमने कारों में छह एयरबैग को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। यहां तक कि कार के इकोनॉमिक मॉडल में भी ये व्यवस्था होगी। कुछ कंपनियां भारत में ऐसी कारें बना रही हैं। जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ही नहीं हैं। लेकिन वे उसी मॉडल को विदेशी बाजारों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाती हैं। 

Read also: Gujarat Chunavi Dangal: केजरीवाल के निशाने पर गुजरात का युवा वोटर

गडकरी ने कहा कि कुछ वाहन निर्माता कारों में छह एयरबैग अनिवार्य करने के नियम का विरोध कर रहे हैं। जिसे सिर्फ लोगों की जान बचाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। कारों में छह एयरबैग प्रस्ताव की घोषणा करते हुए, गडकरी ने मार्च में यह भी बताया था कि छह कार्यात्मक एयरबैग लगे होते तो 2020 में 13,000 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग में वृद्धि होती है और वाहनों की संख्या में वृद्धि होती है, तो सुरक्षा का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। भारत के पास दुनिया भर में बमुश्किल एक प्रतिशत वाहन हैं। लेकिन देश में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतें दुनिया के मुकाबले 10 फीसद अधिक हैं।