दावा: नेशनल हेराल्ड के वित्तीय फैसलों में मोतीलाल वोरा के शामिल होने दस्तावेज नहीं

 
National Herald Case

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED के पूछताछ में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी द्वार कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा का नाम लिया गया था लेकिन अब जो खबर मिल रही उसके मुताबिक़ दोनों में से किसी ने भी इस बात को साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किए हैं. बता दें ईडी की पूछताछ में सोनिया और राहुल ने बताया था कि AJL और यंग इंडिया डील में सभी वित्तीय संबंधी फैसले मोतीलाल वोरा द्वारा ही लिए जाते थे. मोतीलाल वोरा का 2020 में निधन हो चूका है. 

जानकारी के अनुसार राहुल और सोनिया के अलावा खड़गे और पवन कुमार बंसल ने भी प्रवर्तन निदेशालय की टीम के सामने मोतीलाल वोरा का ही नाम लिया है जो कांग्रेस पार्टी के उन दिनों कोषाध्यक्ष थे. एड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ ये सभी नेता इस बात को साबित करने में नाकाम रहे हैं कि मीटिंग से जुड़े किसी दस्तावेज मोतीलाल वोरा का नाम है. शायद यही वजह रही कि ED के पास चलते सत्र के दौरान ही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को समन करना पड़ा क्योंकि YIL के एक वो ही ऑथोराइज़्ड रिप्रेज़ेंटेटिव हैं. ED ने गुरुवार को खड़गे से सात घंटे पूछताछ की है. हालाँकि ED के समन का सवाल उन्होंने उन्होंने राज्यसभा में उठाया कि क्या चालू सत्र के दौरान ही एक सांसद को पूछताछ के लिए समन भेजना सही है? इसपर वेंकैया नायुडु ने ED के समन भेजने की कार्रवाई का बचाव किया. 

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बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस के स्वामित्व वाले अख़बार नेशनल हेराल्ड परिसर में स्थित यंग इंडिया के दफ्तर को सील कर दिया है. हाल ही में सोनिया गांधी से भी ED तीन दिनों तक कई घंटों पूछताछ की, उससे पहले राहुल गांधी से भी पांच दिनों तक 50 घंटे से ज़्यादा की पूछताछ हुई थी. कांग्रेस नेताओं की आरोप है कि केंद्रीय एजेंसी मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रही है और केंद्र सरकार बदले की भावना से सोनिया और राहुल पर कार्रवाई कर रही है.