भारत ने इजाद की लंबी की स्वदेशी वैक्सीन, देश का डेरी नेटवर्क विशाल - पीएम मोदी

 
PM Modi

ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन एक्सपो मार्ट में विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन का आज उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के विकसित देशों से अलग, भारत डेयरी सेक्टर की असली ताकत यहां के छोटे किसान हैं। आज भारत में डेयरी कोऑपरेटिव का ऐसा विशाल नेटवर्क है, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है।  पीएम मोदी ने कहा कि भारत के अनेक राज्यों में लंपी नाम की बीमारी से पशुधन की हानि हुई है। राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे कंट्रोल करने की कोशिश में जुटी है। हमारे वैज्ञानिकों ने लंपी त्वचा रोग की अब स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर ली है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर बल दे रहे हैं। हमने संकल्प लिया है कि 2025 तक शत प्रतिशत पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज़ की वैक्सीन लगाएंगे। हम इस दशक के अंत तक इन बीमारियों से पूरी तरह से मुक्ति का लक्ष्य लेकर चले हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि खेती में मोनोकल्चर समाधान नहीं है। बल्कि विविधता बहुत जरूरी है। ये पशुपालन पर लागू होता है। इसलिए आज भारत में देसी नस्लों और हाइब्रिड नस्लों, दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है।  पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार करेगा। डेयरी सेक्टर से जुड़े प्रत्येक पशु की टैगिंग हो रही है। आधुनिक टेक्नोल़ॉजी की सहायता से हम पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान कर रहे हैं। इसे नाम दिया है  पशु आधार। पीएम ने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने भारत के डेयरी सेक्टर के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए काम किया है। इसका परिणाम दूध उत्पादन से लेकर किसानों की बढ़ी आय में नजर आ रहा है। 2014 में भारत में 146 मिलियन टन दूध उत्पादन होता था। अब ये बढ़कर 210 मिलियन टन पहुंच गया है। यानि करीब-करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी सेक्टर में महिला शक्ति 70 प्रतिशत कार्यबल का प्रतिनिधित्व करती है। देश के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाएं हैं। इतना ही नहीं डेयरी कॉपरेटिव्स में एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं हैं।