Gujarat Governor Controversial Statement: गुजरात के राज्यपाल ने हिन्दुओं को बताया पाखंडी, जानिए क्यों?

 
Gujarat Governor Controversial Statement

गऊ माता को लेकर गुजरात के राज्यपाल के हिन्दुओं पर दिए गए बयान से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि ये पाखंडी हिन्दू पहले तो गौ माता की पूजा करते हैं और उसके बाद उसे खुला छोड़ देते हैं, उन्होंने आगे कहा कि जब तक वो दुधारू होती हैं तब तक ठीक लेकिन जैसे ही वह दूध देना बंद कर देतीं है वह उनके लिए बेकार हो जाती हैं और उन्हें आवारा चरने के लिए छोड़ दिया जाता है. दिलचस्प बात यह है कि गवर्नर आचार्य देवव्रत यह बातें नर्मदा जिले के नीलकंठ धाम स्वामी नारायण मंदिर परिसर में कहीं जहाँ वो प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले प्रोग्राम को सम्बोधित कर रहे थे. 

राज्यपाल ने आगे कहा कि भगवान् का वास प्राकृतिक खेती में होता है, मंदिर मस्जिद में नहीं। उन्होंने कार्यक्रम में आये लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोग गाय को अपनी माता बताते हो, उसके जयकारे लगाते हो लेकिन यह सब आप तब तक करते हो जब तक वो दुधारू होती है और जैसे ही उसने दूध देना बंद किया आप उसे आवारा पशु बना देते हो, आपका यह कृत्य शुद्ध रूप से पाखंड कहलाता है. आपके इस पाखंड से भगवान् खुश नहीं नाराज़ होता है. इसीलिए मैं कहता हूँ कि अगर भगवान् को ढूंढना हो तो प्राकृतिक खेती में ढूंढिए, गौ माता से प्रेम का यह पाखंड बंद कीजिये वर्ना अपनी माता की तरह उसकी भी जीवन बाहर देखभाल कीजिये.

गुजरात के गवर्नर ने कहा कि लोग मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे में भगवान् को ढूंढ रहे हैं लेकिन भगवान् तो प्राकृतक खेती में विराजमान हैं, ढूंढना है तो वह ढूंढिए। इस मौके पर रसायनिक खाद और पेस्टीसाइड मुक्त खेती की शपथ दिलाते हुए उन्होंने कहा कि गाय के गोबर को खाद के रूप में और उसके मूत्र को पेस्टीसाइड के रूप में अगर आप इस्तेमाल करते हैं तो आसानी से भगवान को प्राप्त कर सकते हैं.