मेरा राष्ट्रपति बनना भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि : द्रौपदी मुर्मू

 
draupadi murmu

नई दिल्ली। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद भारत की 15 वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं। ये भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है। मेरा निर्वाचन इसका सबूत है कि भारत में गरीब भी सपने देख सकता है और उन्हें भी पूरा कर सकता है। मेरे इस निर्वाचन में पुरानी लीक से हटकर नए रास्तों पर चलने वाले भारत के युवाओं का साहस शामिल है। ऐसे प्रगतिशील भारत का नेतृत्व करते हुए आज मैं गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ।

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राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, जवाहर लाल नेहरू जी, सरदार पटेल, बाबा भीमराव आंबेडकर, सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू और चन्द्रशेखर आज़ाद जैसे अनगिनत स्वाधीनता सेनानियों ने राष्ट्र के स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की शिक्षा दी थी। रानी लक्ष्मीबाई, रानी वेलु नचियार, रानी गाइदिन्ल्यू और रानी चेन्नम्मा जैसी वीरांगनाओं ने राष्ट्र रक्षा में नारीशक्ति की भूमिका को ऊंचाई दी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संविधान के आलोक में मैं पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करूंगी। मेरे लिए भारत के लोकतांत्रिक-सांस्कृतिक आदर्श और सभी देशवासी मेरी ऊर्जा के स्रोत रहेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैं जनजातीय समाज से हूँ। सभासद से लेकर भारत की राष्ट्रपति बनने तक का अवसर मुझे मिला है। यही तो लोकतंत्र की जननी भारत की महानता है। ये हमारे लोकतंत्र की शक्ति है कि उसमें एक आदिवासी क्षेत्र में गरीब घर में पैदा हुई बेटी को भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचया है।