Supreme Court Big Decision: बंद हुए बाबरी विध्वंस, गुजरात दंगों से जुड़े अवमानना के मामले

 
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सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के अयोध्या में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस और 2002 में हुए गुजरात दंगों से जुड़े कुछ मामलों को रफा-दफा करने का फैसला लिया है. शीर्ष अदालत ने बाबरी विध्वंस के बाद राज्य के अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ अवमानना ​​​​याचिकाओं के एक बैच को खत्म कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक अयोध्या पर 2019 के शीर्ष अदालत के फैसले को देखते हुए अवमानना ​​का मामला अब आगे नहीं चल सकता.

वहीँ गुजरात 2002 के दंगों से जुड़े कई मामले भी सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए हैं. उच्चतम न्यायालय के सामने एक लम्बी लिस्ट याचिकाओं की लंबित पड़ी थी. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक इन मामलों को लेकर अब बहुत समय बीत गया है और यह मामले अब किसी काम के नहीं रह गए हैं और 9 में से 8 मामलों में ट्रायल ख़त्म किया जा रहा है, अब सिर्फ गुजरात के नरोदा गांव के ट्रायल कोर्ट में एक केस में फिलहाल अंतिम बहस रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस के काई मालों को ख़त्म करते हुए कहा कि अवमानना याचिका को पहले सूचीबद्ध किया जाना चाहिए था लेकिन हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच अयोध्या जमीन विवाद के फैसले के बाद अब इस मुद्दे पर सुनवाई वाजिब नहीं है.

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दरअसल मुहम्मद असलम भूरे ने साल 1991 में एक याचिका दायर की थी, 1992 में असलम ने अवमानना याचिका दायर की थी. असलम की 2010 में मौत हो गई. उनकी मौत के बाद याचिकाकर्ता की मौत का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विध्वंस केस में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के खिलाफ अवमानना ​​से जुड़े केस को भी बंद कर दिया. बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और दूसरों के खिलाफ ‘अवमानना’ याचिका से जुड़ा मामला इसलिए शुरू किया गया था क्योंकि यूपी सरकार ने बाबरी विध्वंस न होने का अदालत को आश्वासन दिया था.