Amarnath Cloud Burst: अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा या फिर और कोई घटना! मौसम वैज्ञानी ने कही ये बात

 
Amarnath Cloud Burst

श्रीनगर। अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना को हादसे का जिम्मेदार बताया जा रहा है। लेकिन क्या वाकई बादल फटने की घटना थी? मौसम विभाग इससे इत्तफाक नहीं रखता। मौसम विभाग का कहना है कि ये बादल फटने की घटना नहीं बल्कि एक स्थानीय घटना है। श्रीनगर में मौसम केंद्र प्रमुख सोनम लोटस ने कहा कि अमरनाथ गुफा के ऊपर बादल था। जिससे अचानक बारिश हुई।लेकिन यह फ्लैश फ्लड नहीं कहा जा सकता। उनका कहना है कि मुमकिन है कि गुफा के ऊपर भीषण बारिश हुई हो जिसका पानी नीचे तक बहकर आ गया।

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मौसम विभाग की माने तो अमरनाथ गुफा के आसपास बारिश की खास चेतावनी जारी नहीं की थी। सामान्य तौर पर दैनिक पूर्वानुमान में यलो अलर्ट किया जाता है। जिसका मतलब सतर्क रहना होता है। विभागीय साइट पर जारी पूर्वानुमान में पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर आंशिक रूप से बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई थी। अमरनाथ गुफा में लगे स्वचालित मौसम केंद्र के आंकड़े बताते हैं कि सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बारिश नहीं हुई। वहीं एक मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि 4:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच सिर्फ 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। लेकिन 5:30 से 6:30 बजे के बीच 28 मिमी बारिश हुई। इस लिहाज से देखे तो गुफा के पास कोई बादल नहीं फटा।  दरअसल, मौसम विभाग के मानदंड के अनुसार एक घंटे में सौ मिमी से अधिक बारिश होने पर उसे बादल फटना कहते हैं।

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वायरल वीडियो में दिख रहा है कि अमरनाथ गुफा के प्रवेश द्वार से 200-300 मीटर दूर चट्टानों के बीच से तेज रफ्तार में पानी और मलबा बह रहा है। आईएमडी में उत्तर भारत के प्रमुख रहे और सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी आनंद कुमार का कहना है कि हो सकता है पवित्र गुफा के पास बारिश नहीं हुई हो लेकिन कहीं ऊपर हुई होगी। जिसका पानी नीचे बहकर आया। उनका कहना था कि पहाड़ों में बारिश का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। अगर स्वचालित मौसम स्टेशन लगाना भी चाहे तो कितने लगाएगा। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैचमेंट एरिया में वेदर स्टेशन लगाए जा सकते हैं।