Yakub Memon Grave: आतंकी याकूब मेमन की कब्र को लेकर भाजपा-शिवसेना आमने सामने

 
Yakub Memon Grave:

1993 में हुए मुंबई धमाकों के मास्टरमाइंडो में से एक याकूब मेमन को 2015 में फांसी पर लटकाया गया था, अब अपनी मौत के सात साल बाद भाजपा और शिवसेना उसकी कब्र पर सियासत कर रही हैं. मेमन को मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के सामने 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था, अब भाजपा नेता राम कदम ने याकूब की कब्र की कुछ तस्वीरें शेयर कीं है जो वायरल हो गयी हैं. वायरल फोटोज़ में कुछ कब्रें दिखाई दे रही हैं जो पक्की हैं और मार्बल आदि से सजाई गए लग रही हैं वहीँ एक कब्र की फोटो और है जिसे याकूब मेमन की पुरानी कब्र बताया जा रहा है, भाजपा का आरोप हैं कि याकूब मेमन की कब्र को उद्धव सरकार के कार्यकाल में सजाया गया है, एक आतंकी जिसकी साज़िश से हुए बम धमाकों में 257 लोग मारे गए उसकी कब्र की सजावट की इजाज़त किसने दी. इस मामले पर राजनीति शुरू होने के बाद अब आरोपों प्रतायरोपों का दौर शुरू हो चूका है.

भाजपा ने इस पूरे मामले में शिवसेना के साथ कांग्रेस और एनसीपी को भी घेरा है और कहा है कि इन पार्टियों के नेताओं को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। वहीँ शिवसेना ने पलटवार करते हुए कहा कि फांसी के बाद याकूब मेमन शव को फडणवीस सरकार ने ही आतंकी के परिवार को सौंपने का फैसला किया था जबकि किसी भी आतंकी के शव को उसके परिवार को नहीं सौंपा जाता और आज भाजपा शिवसेना पर ऊँगली उठा रही है. शिवसेना प्रवक्ता  मनीषा कायंदे ने कहा कि कब्र के रखरखाव के लिए ट्रस्ट जिम्मेदार है न कि बीएमसी. उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा शिवसेना को हिंदू विरोधी साबित करने के लिए एक एजेंडा चला रही है. 

वहीँ कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोधे ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि याकूब मेमन के शव को उसके परिवार को फडणवीस सरकार ने जानबूझकर सौंपा। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के समय में आतंकी अफजल गुरु और कसाब को फांसी देने के बाद गुप्त तौर पर दफना दिया गया था. ओसामा बिन लादेन के मामले में भी अमेरिका ने ऐसा ही किया था लेकिन याकूब मेमन के मामले फडणवीस सरकार ने ऐसा नहीं किया और आज अपनी गलती का ठीकरा दुसरे पर फोड़ रही है, दरअसल भाजपा की यही असलियत है.