Uttarakhand News: पेड़ों की कटाई पर उत्तराखंड हाईकोर्ट की सुस्ती से सुप्रीम कोर्ट नाराज,सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश

 
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देहरादून। उत्तराखंड पर्यटन स्थल मसूरी और देहरादून घाटी के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जाने वाले 2057 पेड़ों के मामले में दर्ज याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से इस मामले में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मसूरी और देहरादून के बीच यातायात सुविधा बेहतर करने और सड़क का चौड़ीकरण के लिए घाटी के घने हरे भरे हिस्से की कई प्रजातियों के 2057 पेड़ों की कटाई को लेकर पेंच फंसा है। इन पेड़ों की कटाई के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में दायर है। जिस पर सुनवाई में तेज़ी लाने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह ठीक होगा यदि हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई करने वाली बेंच मामले को जल्द निपटाए। जिससे याचिकाकर्ता की दलीलों पर ढंग से विचार किया जा सके। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने यह भी कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली बेंच मामले पर जल्दी सुनवाई कर इस पर अपना रूख स्पष्ट करे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि हम याचिकाकर्ता और राज्य को हाईकोर्ट के सामने कार्यवाही में उल्लेख करने की अनुमति दे रहे हैं। जिससे कि जनहित की याचिकाओं पर विचार करने वाली हाईकोर्ट पीठ एक हफ्ते के अंदर इसको सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सके। याचिकाकर्ता आशीष कुमार का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता संजय पारिख को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्रता दी कि वह हाइकोर्ट में लंबित कार्यवाही में उपयुक्त मुद्दों को उठा सकते हैं।