Uttarakhand News: एसटीएफ ने मास्टर माइंड मूसा को लखनऊ से दबोचा, 10 लाख प्रति परीक्षार्थी तय हुआ था दाम

 
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देहरादून। उत्तराखंड में आयोजित 2021 की परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले गिरोह के मास्टर माइंड व सरगना सैयद सादिक मूसा और उसके करीबी सहयोगी योगेश्वर राव को एसटीएफ लखनऊ ने दबोच लिया है। मूसा पर उत्तराखंड पुलिस ने दो लाख रुपये और योगेश्वर एक लाख रुपये का इनाम घोषित रखा था। दोनों को एसटीएफ उत्तराखंड पिछले 15 दिन से तलाश रही थी। इधर यूपी एसटीएफ एसएसपी विशाल विक्रम सिंह की टीम ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है। उनके पास से नकदी भी बरामद की गई है। दोनों को उत्तराखंड एसटीएफ को सौंपने की तैयारी चल रही है।

एसटीएफ के एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के अनुसार उत्तराखंड राज्य की 2021 में परीक्षा पेपर लीक मामले में देहरादून रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पेपर लीक के इस मामले में गिरोह का मास्टर माइंड सैयद सादिक हुसैन मूसा और योगेश्वर राव काफी दिनों से फरार थे। गिरोह के अब तक करीब 13 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मूसा मूलरूप से अंबेडकरनगर के अब्दुलपुर सहजादपुर का निवासी है। उस पर उत्तराखंड पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। गाजीपुर जिले के सहाबुद्दीनपुर भड़सर निवासी योगेश्वर राव उर्फ राजू पर एसटीएफ ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। दोनों के नाम का खुलासा गिरोह के सदस्यों ने एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा की गई पूछताछ में किया था। दोनों लखनऊ के इंदिरानगर के बी-ब्लॉक जैन मंदिर के पास गुपचुप तरीके से रह रहे थे। एसटीएफ टीम ने दोनों को विभूतिखंड के बांसमंडी इलाके से दबोचा।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पेपर मिलने की जानकारी उत्तराखंड के शशिकांत व बिजनौर धामपुर निवासी केंद्रपाल को दी गई थी। केंद्र पाल सिंह ने उत्तराखंड हल्द्वानी पहुंचने के लिए कहा। सभी लोग अपने साधनों से फिरोज व संपन्न राव के साथ चार दिसंबर 2021 को हल्द्वानी पहुंचे थे। जहां एक होटल में योगेश्वर राव के नाम से दो कमरे बुक किए थे। शशिकांत व केंद्रपाल सिंह से मुलाकात हुई। जिसके बाद दोनों से प्रति परीक्षार्थी 10 लाख रुपये लेने की बात तय की थी। परीक्षा के बाद शशिकांत ने योगेश्वर राव को 20 लाख रुपये दिए गए थे। बाकी रकम बाद में देने का वादा किया था। जो रकम मिली योगेश्वर ने उसे कासान शेख को दिया था।