सोमवती अमावस्या ( Somvati Amavasya ) का स्नान कल, पुलिस-प्रशासन के लिये चुनौती

 
सोमवती अमावस्या ( Somvati Amavasya ) का स्नान कल, पुलिस-प्रशासन के लिये चुनौती सोमवती अमावस्या ( Somvati Amavasya ) का स्नान कल, पुलिस-प्रशासन के लिये चुनौती
  • भीड़ बढ़ने पर रोका जा सकता है बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को
  • गंगा घाटों पर क्षमता से आधी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर पाएंगे

हरिद्वार। कल सोमवती अमावस्या ( Somvati Amavasya ) पर पापनाशनी मां गंगा के पवित्र जल में स्नान करने की कामना लिये काफी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। पुलिस-प्रशासन ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है। लेकिन कोविड काल में काफी समय के बाद अवसर मिलने पर स्नान के लिये उमड़े श्रद्धालुओं के बीच व्यवस्था बना पाना बेहद चुनौतीपूर्ण है।

वहीं 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग, 10 साल से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को स्नान करने की अनुमति नहीं दी गयी है। लेकिन घाट पर पहुुंचने के बाद उन्हें स्नान से रोक पाना लगभग नामुमकिन है।

कोरोना संक्रमण के चलते लगे लाॅकडाउन के बाद सितंबर माह में पितृ अमावस्या पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओें को हर की पैड़ी पर स्नान करने की छूट दी गयी थी। लेकिन नवंबर माह में कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर बाहरी श्रद्धालुओं को स्नान करने का मौका नहीं दिया गया था।

लेकिन कल यानी सोमवार को होने वाली सोमवती अमावस्या ( Somvati Amavasya) पर बाहरी श्रद्धालुओं को स्नान करने की छूट तो दी गयी है। मगर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भीड़ बढ़ने पर स्नान पर रोक लगा दी जायेगी और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बार्डर पर ही रोक दिया जायेगा और स्नान को जारी की गयी एसओपी के मुताबिक 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग, 10 साल से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को स्नान करने की अनुमति नहीं दी गयी है। वहीं कोरोना गाइडलाइनल को ध्यान में रखते हुए गंगा घाटों पर क्षमता से आधी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर पाएंगे।

वहीं सोमवार को गंगा स्नान को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। हरिद्वार को सेक्टर-जोन में बांट कर हरकी पैड़ी, कांगड़ा घाट, मालवीय घाट, सुभाष घाट, अस्थि प्रवाह घाट आदि प्रमुख स्थानों पर पुलिस तैनात कर दी गयी है। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस के अनुसार गंगा स्नान को लेकर पूरी तैयारियां कर ली गयीं हैं।

प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिये पुलिस तैयार है और उनके अनुसार ही गंगा स्नान करने दिया जायेगा। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की दशा में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओें को बार्डर पर ही रोक दिया जायेगा।