Allopathic Controversy: रामदेव ने कोरोना वैक्सीन मामले में एक बार फिर से एलोपैथी पर साधा निशाना

 
Allopathic Controversy

हरिद्वार। अक्सर एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति और मेडिकल साइन्स पर हमला करने वाले योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोना वैक्सीन मामले में एक बार फिर से एलोपैथी पर निशाना साधा है। रामदेव ने कोरोना वैक्सीन को संक्रमण की रोकथाम के लिए नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर दावा किया कि योग और आयुर्वेद के बिना कोरोना पर लगाम लगाना असंभव है। इससे पहले रामेदव के हरिद्वार स्थित पतंजलि आश्रम में आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी कैबिनेट के कुछ मंत्रियों की उपस्थिति में मनाया गया।

उत्तराखंड सरकार के मंत्री जैसे प्रेमचंद अग्रवाल, धन सिंह रावत और सुबोध उनियाल ने पतंजलि योगपीठ में मौजूद होकर बालकृष्ण को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। बालकृष्ण के जन्मदिवस कार्यक्रम के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए रामदेव ने कोरोना वैक्सीन को बेवकूफी बता डाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन को वैक्सीन की दोनों डोज़ के साथ बूस्टर डोज़ भी लगाई गई। उसके बाद भी उनको कोरोना हो गया। यहां तक कि डब्ल्यूएचओ के 99 प्रतिशत से अधिक अधिकारी खुद कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। लोगों को वैक्सीन के नाम पर ठगना नहीं चाहिए। गौरतलब है कि पिछले साल रामदेव ने एलोपैथी की आलोचना के कारण डॉक्टरों व मेडिकल एसोसिएशन के निशाने पर आ गए थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। उसके बाद रामदेव को बैकफुट पर आना पड़ा था। अब एक बार फिर से वैक्सीन पर भड़के बाबा रामदेव ने वैक्सीन की सफलता पर सवाल उठाए हैं।

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उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हम पिछले नौ सालों से यह बोर्ड बनाए जाने के लिए प्रयास कर रहे थे। अब लोग स्टेट बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड के साथ भारतीय शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकेंगे। शिक्षा पद्धति में वैदिक गणित, वैदिक साइन्स, वैदिक फिजिक्स जैसे विषयों के साथ सभी मॉडर्न विषय पढ़ाए जाएंगे। रामदेव ने इतिहास को भी सही तथ्यों के साथ पढ़ाए जाने की बात कही है। ऐसी शिक्षा प्रणाली में मॉडर्न एजुकेशन और भारतीय वेदों पुराणों का एक साथ समावेश होगा।