Uttarakhand Politics: उत्तराखंड में भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई "नेता" गायब

 
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देहरादून। उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. लेकिन विपक्ष की इस लड़ाई में नेता प्रतिपक्ष नहीं दिखाई दे रहे है है. दरअसल भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के पूर्व पीसीसी चीफ के खिलाफ मुख्य सचिव को लिखे पत्र के बाद कांग्रेस उग्र हो गई. मामला भरस्टाचार के आरोपों का था. अपने नेता पर लगे आरोपों पर कांग्रेस ने एकजुटता दिखाई लेकिन उनके एक साथी इस मोर्चे पर नहीं दिखे. जिसके बाद बाद नेता प्रतिपक्ष इस लड़ाई में अकेले दिखाई दे रहे है. दरअसल व् भी इसी तरहबके आरोप इस समय झेल रहे है. तो क्या माना जाय सरकार के आरोपों के बिच नेता प्रतिपक्ष को विपक्ष ने अकेले छोड़ दिया है.

 भरस्टाचार के आरोपों के खिलाफ की लड़ाई में अकेले यशपाल आर्य 

भाजपा से कांग्रेस में आये और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे यशपाल आर्य सरकार के खिलाफ लड़ाई में अकेले दिखाई पद रहे है. मामला भरस्टाचार के आरोपों का है जिसे खुद यशपाल इस समय खेल रहे है. लेकिन जब बात पुर पीसीसी चीफ की आई तो पूरी कांग्रेस एक हो गई. लेकिन उस एक हुई कांग्रेस में यशपाल आर्य नहीं दिखाई दिए. दरअसल गणेश गोदियाल पर जा धन सिंह रावत ने जाँच के आदेश क्या दिए की पूर्व सीएम हरीश रावत सहित तमाम कांग्रेसी एक मंच पर आ गए और आंदोलन की हुंकार भर दी. 

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यशपाल पर 500 करोड़ के घोटाले का आरोप 

हाल ही में भाजपा नेता और राज्य आंदोलन कारी रविंद्र जुगरान ने नेता प्रतिपक्ष पर 500 करोड़ की छात्रवृति के घोटाले का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा की घोटाले के समय तत्कालीन मंत्री आर्य का इस घोटाले को पूरा समर्थन था. दरअसल बात या है की भाजपा के दो आरोपों में कांग्रेस दोहरी निति क्यों अपना रही है. गणेश गोदियाल के मामले में सभी कांग्रेसी दिग्गज गुटों की राजनीती भुला कर एक साथ जबकि यशपाल आ के मामले में किसी ने एक बयान देना तक उचित नहीं समझा. अब कांग्रेस की साझा लड़ाई में यशपाल गायब है.