Big Breaking: बारिश और कोरोना संक्रमण के बीच अब मंकी पॉक्स की आहट से सहमा पहाड़,स्वास्थ्य मंत्री ने दिए ये निर्देश

 
Big Breaking

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों दो तरह की आफत लोगों पर बरस रही है। एक तो बारिश का प्रकोप पहले से लोगों को झेलना पड़ रहा है। वहीं अब दूसरी ओर बीमारियों का कहर भी शुरू हो चुका है। अल्मोड़ा के ग्रामीण इलाके में फैले डायरिया के चलते एक बच्चे की मौत हो गई है। कोविड संक्रमण की रफ्तार भी अब तेजी से बढ़ रही है। गत चार अगस्त को संक्रमण से एक मौत हुई थी। वहीं नये केसों का आंकड़ा भी तीन दिन बाद फिर 300 के पार पहुंच गया था। इधर, राज्य में एक नयी मुसीबत को लेकर शासन प्रशासन अलर्ट दिखा रहा है।  देश के कुछ प्रांतों में पैर पसार चुका मंकीपॉक्स अब पहाड़ को डरा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि यह बीमारी उत्तराखंड पहुंची तो एक और आपदा से निपटना चुनौती पूर्ण होगा। 

सबसे पहले बात कोरोना संक्रमण की करें तो जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में  एक संक्रमित मरीज़ ने और दम तोड़ा। इससे पहले बुधवार को तीन कोरोना संक्रमितों की मौतें हुई थी। पिछले 24 घंटे में 310 लोगों की कोविड रिपोर्ट पॉज़िटिव मिली है। यानी पिछले दिन की तरह नये केसों की संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है। राज्य भर में 334 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक भी हुए हैं। एक्टिव केसों का आंकड़ा इस समय 1748 रहा। जिसमें सर्वाधिक देहरादून में 130, रुद्रप्रयाग 45, हरिद्वार 25, चंपावत 14, अल्मोड़ा 14, पौड़ी में 12 कोरोना संक्रमित, टिहरी में 9 कोरोना पाजिटिव, बागेश्वर 8, पिथौरागढ़ 5, चमोली 4 और उत्तरकाशी व ऊधमसिंह नगर में कोरोना वायरस के एक-एक मरीज मिला है।

Read also: Allopathic Controversy: रामदेव ने कोरोना वैक्सीन मामले में एक बार फिर से एलोपैथी पर साधा निशाना

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कोरोना और मंकीपाक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर नियंत्रण, रोकथाम के लिए सर्विलांस सिस्टम को मज़बूत करने को कहा है। वहीं उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को को भी अलर्ट रहने को कहा है। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मंकीपॉक्स से बचाव एवं सतर्कता के लिए एसओपी जारी की गई है। मेडिकल कॉलेजों में मंकीपॉक्स को लेकर आइसोलेशन की व्यवस्था के अलावा, नोडल अधिकारी तय करने के साथ अस्पतालों में रोगियों की जांच और इलाज इत्यादी मुहैया कराने के निर्देश दिए है।