अपने पाप की माफी मांगेंगे महापापी, तो ही होगी कांग्रेस में वापसी

 
अपने पाप की माफी मांगेंगे महापापी, तो ही होगी कांग्रेस में वापसी अपने पाप की माफी मांगेंगे महापापी, तो ही होगी कांग्रेस में वापसी
  • दलबदल की राजनीति के पक्ष में नहीं हैं पूर्व सीएम हरीश रावत

देहरादून। अगले साल होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने के साथ ही दलबदल का सिलसिला शुरू हो गया है। भाजपा, कांग्रेस और आप के नेता अपने लिये सुअवसर देखते ही पाला बदलने में देर नहीं लगा रहे। सभी पार्टियां दावा कर रही हैं कि विपक्षी दल के नेता उनकी पार्टी में शामिल होने को तैयार हैं। ऐसा ही दावा पूर्व सीएम हरीश रावत ने करते हुए कहा कि भाजपा के अनेक नेता कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं। लेकिन कांग्रेस छोड़कर जाने वाले महापापियों को पहले अपने पाप की माफी मांगनी होगी तभी उन्हें कांग्रेस में जगह मिल सकती है।

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि वह दलबदल की राजनीति का समर्थन नहीं करते। दलबदल किसी भी सदन के लिये पाप जैसा होता है चाहे वह संसद हो या विधानसभा। 2016 और 2017 में हुए दलबदल को मैं उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में कलंक मानता हूं। जिन लोगांे के पाप की वजह से सरकार गिरी वह महापापी अब फिर से कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें पाप स्वीकार करने के बाद ही पार्टी की ओर बढ़ना होगा।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में पार्टी बदलने का दौर चल रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे विधायक संजीव आर्य ने सोमवार को कांगे्रस का हाथ पकड़ लिया। वहीं हाल ही में एक कांग्रेस विधायक सहित तीन विधायकों ने भाजपा का दामन थामा है। ऐसे में हरीश रावत के बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालांकि भाजपा ने इस हरीश रावत की मनगढ़ंत बातें बताते हुए कहा कि भाजपा का कोई विधायक कांग्रेस में नहीं जा रहा है। हरीश रावत को अपने घर (कांग्रेस) की चिंता करनी चाहिये।