Uttarakhand Politics: भाजपा का 'मिशन सेधमारी' तेज,कांग्रेस और बसपा के 44 नेता ने स्वीकारी बीजेपी

 
Uttarakhand Politics

देहरादून। आम चुनाव या विधानसभा चुनाव के दौरान  दलबदल नहीं होता। बल्कि चुनाव किसी भी स्तर पर हो दलबदल उत्तराखंड में सुर्खियों में ही रहता है। मौसम की तरह ही यहां पर दल भी बदले जाते हैं। अब कांग्रेस और बसपा के 44 नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। सीएम पुष्कर धामी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहे। अगस्त में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने के साथ विपक्ष को तोड़ने की कवायद में जुटी हुई है।  विपक्ष में सेंधमारी कर भाजपा मनौवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश में है। ऐसे में भाजपा क्षेत्र में थोड़ा बहुत प्रभाव वाले दूसरी पार्टी के नेताओं को किसी भी तरह अपने पाले में कर रही है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक कहते हैं कि यह मिशन भाजपा है। हमारा लक्ष्य भाजपा को मज़बूत करना है।  हरिद्वार के पुराने चुनावों पर नजर डाले तो भाजपा पंचायत चुनावों में जीतना तो दूर सम्मानजनक प्रदर्शन भी नहीं कर सकी है। 2015 में हुए पंचायत चुनाव में ज़िला पंचायत की 47 में मात्र तीन सीट पर ही भाजपा जीत सकी थी। जबकि कांग्रेस के पास 15 सीटें थीं और बसपा या निर्दलीयों के पास बाकी सीटे रहीं थीं। इस दौरान बसपा अपना ज़िला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही थी।

Read also: UP News Today: मुस्लिम युवती ने स्वीकारा हिंदू धर्म,मंत्रों के लिए लिए अग्नि के फेरे

विधानसभा चुनाव में हरिद्वार ज़िले में विधानसभा की 11 में से केवल तीन सीटें ही भाजपा जीत सकी। जबकि एक बार फिर पंचायत चुनाव नहीं जीती है। इस बार सत्तारूढ़ पार्टी की साख दांव पर है। दरअसल, भाजपा का असली फोकस लोकसभा चुनाव है। पंचायत चुनाव के बाद निकाय चुनाव प्राथमिकता पर रहेंगे जिससे 2024 के टारगेट को शत प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। निशंक ने दावा किया है कि अन्य दलों के नेता भाजपा नीतियों से खुश होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।