Common Carp Fish: नैनी झील में कॉमन कार्प फिश का राज,दूसरी मछलियों की संख्या हो रही कम

 
Common Carp Fish

नैनीताल। प्रदेश का नैनीताल जिला झीलों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। नैनीताल की मशहूर झील को देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी पर्यटक आते हैं। नैनी झील पर्यटकों के लिए आकर्षित करने का केंद्र है। यहां मौजूद मछलियां पर्यटकों केा अपनी ओर बरबस ही आकर्षित करती हैं। झील के किनारे बैठकर पर्यटक इन मछलियों को घंटों निहारते हैं। देखा जाए तो इस जलीय परितंत्र का संतुलन बनाए रखने के लिए झील में पौधे के अलावा शैवाल और बाकी अन्य मछलियों का संतुलित होना जरूरी है। हालांकि अब ये  देखा जा रहा है कि कुछ महीनों से झील में कॉमन कार्प फिश की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह मछली दूसरी प्रजाति की मछलियों को अपना आहार बनाती है।  

Read also: Rupee Fall Impact: रुपये में एक साल में सात फीसदी की गिरावट, 80 रुपये प्रति डॉलर स्तर पर पहुंचा

नैनी झील में करीब तीन से चार प्रजाति की मछलियां हैं। जिनमें कॉमन कार्प, गोल्डन महाशीर  और अन्य महाशीर मछलियां शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या में कॉमन कार्प फिश हो गई है। इनकी संख्या लगभग 67 फीसदी तक पहुंच गई है। जिस वजह से अन्य प्रजाति की मछलियों में कमी देखने को मिल रही है। जीव विज्ञान विभाग प्रोफेसर डॉक्टर सतपाल सिंह का कहना है कि कॉमन कार्प फिश नैनी झील में काफी समय से मौजूद है। फूड हैबिट की बात की जाए तो इस प्रजाति की मछलियां सर्वभक्षी होती हैं। झील में मौजूद छोटे पौधों के साथ यह छोटी मछलियां, कीड़े-मकौड़े और मछलियों के अंडे तक खा जाती हैं। इनकी संख्या और अधिक बढ़ती है तो ये बाकी अन्य प्रजाति मछलियों के लिए खतरा साबित होगी। यानी झील में केवल कॉमन कार्प मछली बचेगी। हालांकि संतुलन बनाए रखने के लिए झील में अन्य मछलियों का होना बेहद जरूरी है। 

पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय मत्स्य विभाग की रिपोर्ट के बाद अब नैनीताल जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल की ओर से नैनी झील में मछली पकड़ने का ठेका देने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डीडी सती ने बताया कि मछली पकड़ने को लेकर नगरपालिका, सिंचाई खंड, झील विकास प्राधिकरण और नगरपालिका की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। जिसके बाद कॉमन कार्प फिश पकड़ने को टेंडर पास किया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।