Cloud Burst In Uttarakhand: धारचूला और गैरसैंण में बादल फटा, यमुनोत्री धाम की यात्रा स्थगित

 
Cloud Burst In Uttarakhand

देहरादून। उत्तराखंड में इस समय खराब मौसम के चलते यमुनोत्री धाम की यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी है। इस संबंध में एसडीएम ने आदेश भी जारी कर दिये है। कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश के चलते यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया।  पहाड़ों में इस समय बारिश कहर बरपा रही है। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण के पास बादल फट गया। इससे विधानसभा से डेढ़ किलोमीटर दूर हेलीपैड का का काफी भाग क्षतिग्रस्त हो गया है। बादल फटने से चोरड़ा गांव में बांज, बुरांश, फनियाट के पेड़ मलबे में दब गए। घटना में हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। इसके अलावा मल्ला दारमा के गाँव सोबला तोक, झिमीर गांव में भेती नाले में बदल फटने से बीआरओ की तवाघाट सोबला सड़क पर  एक बेली पुल बहने की जानकारी है। बादल फटने के चलते अचानक धौली नदी और महाकाली का जल स्तर बढ़ गया। फिलहाल जनहानि की कोई सूचना अभी तक नहीं मिली है। धारचूला में बादल फटने की घटना हुई है।

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चोड़ा गांव प्रधान विनीता देवी ने जानकारी दी है कि घटना के समय लोग जंगल में जानवरों को चराने गये थे। बादल फटते की घटना से उनमें अफरातफरी मच गई। गनीमत ये रही कि कोई भी  मलबे की चपेट में नहीं आया। बादल फटने से पानी के श्रोत मलबे में दब गए। प्रधान ने बताया कि हेलीपैड निर्माण के दौरान निकला मलबा आफत का सबब बना। पानी के साथ बहे मलबे ने जंगल को बर्बाद कर दिया। उपप्रधान देव सिंह ने सरकार से जंगल की सुरक्षा करने की मांग की है।  वहीं मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि बादल फटने की घटनाएं अभी और भी हो सकती हैं।