Nepal Politics: चीन की नेपाल यात्रा का मकसद अलग—अलग कम्युनिस्ट पार्टियों में एकता कराना

 
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नेपाल। चीन बार—बार नेपाल की यात्रा कर रहा है। चीन की इस यात्रा का मकसद कहीं न कहीं वहां की अलग—अलग कम्यूनिस्ट पार्टियों में एकता कराना है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल इस मकसद से कई बार नेपाल की यात्रा कर चुका है। चीन ने अपनी इस यात्रा का मकसद नेपाल की कम्यूनिस्ट पार्टियों को बता दिया है। पिछले हफ्ते जब चीन के प्रतिनिधिमंडल का नेपाल यात्रा का कार्यक्रम सामने आया। उसी दौरान कयास लगाया गया था कि ये दल नेपाल के अगले आम चुनाव के मद्देनजर पहुंच रहा है। दल का नेतृत्व चीन कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश संपर्क विभाग के प्रमुख लिउ जियानचाओ कर रहे हैं।

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यात्रा के पहले ही दिन लिउ ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद एक बयान जारी किया गया है। जिसमें नेपाल विदेश मंत्रालय ने कहा लिउ शिष्टाचार के नाते प्रधानमंत्री देउबा से मिले। दोनों के बीच नेपाल—चीन की साझा दिलचस्पी वाले विषयों पर लंबी बातचीत हुई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लिउ ने नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का से भेंट की। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने नेपाल और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के बारे में विचार-विमर्श किया।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक लिउ ने यात्रा के पहले दिन सरकारी पदाधिकारियों से मुलाकात का कार्यक्रम पूरा कर लिया। अब यात्रा के बाकी समय में उनका प्रमुख कार्यक्रम नेपाल के तीनों प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं से बातचीत है। चार दिन की यात्रा के आखिरी दिन यानी बुधवार को चीन लौटने से पहले लिउ नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात करेंगे।