Europe Gas Crisis: रूस ने बंद की गैस आपूर्ति तो यूरोप में हुआ बुरा हाल,सड़क पर उतरे लोग

 
Europe Gas Crisis

बर्लिन। रूस और यूक्रेन युद्ध का असर पूरी दुनिया और यूरोप पर पड़ रहा है। अमेरिका का साथ देने का खामियाजा यूरोप के देशों को भुगतना पड़ रहा है। यूरोप की पूरी अर्थव्यवस्था रूस के तेल-गैस सप्लाई पर आधारित है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के खिलाफ अब रूस ने यूरोप की तेल-गैस आपूर्ति ठप कर दी।  जिसका असर पूरे यूरोप के देशों पर पड़ रहा है।  ठंड से पहले तेल-गैस की बढ़ती कीमतों ने यूरोप के देशों में लोगों की कमर तोड़ दी है। लोगों ने सरकारों से राहत की मांग लेकर बगावती तेवर अपनाने शुरू कर दिए हैं। लोग सड़कों पर उतरकर रूस से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं। चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 70 हजार से अधिक लोग सड़कों पर उतर आए। इनमें अधिकतर दूरदराज के इलाकों से आए थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि रूस पर प्रतिबंध राजनीतिक कारणों से लगाए हैं। लेकिन इनका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।

Read also: Mohammad Hafeez On Babar Azam: हफ़ीज़ ने अब बाबर को बताया खुदगर्ज़

वहीं दूसरी ओर, उत्तर पश्चिमी जर्मनी के लुंबिन में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए। उन्होंने अपनी सरकार से रूस के खिलाफ प्रतिबंध हटाने की अपील की है। बता दें कि इस स्थान से नोर्ड स्ट्रीम-2 नाम से नई गैस पाइपलाइन शुरू होनी थी। लेकिन जर्मन ने रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद इसको रोक दिया। रूस ने दो दिन पहले घोषणा कर दी है कि वह अपनी नोर्ड स्ट्रीम.गैस पाइपलाइन से आपूर्ति अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, यूरोपियन यूनियन के अधिकारियों ने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में आर्थिक संकट तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में उनके लिए यूक्रेन को सैन्य और अन्य मदद देना मुश्किल हो सकता है। इस संकट पर विचार के लिए अब नौ सितंबर को ऊर्जा मंत्रियों की बैठक बुलाई  है। ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन का स्थान लेने की दावेदार विदेश मंत्री लिज ट्रस ने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री बनीं तो एक सप्ताह के भीतर तेल और गैस की सभी समस्याओं का हल कर देंगी।