Queen Elizabeth II : वो युवा लड़की, जिसे कभी अपने रानी बनने की उम्मीद नहीं थी

 
Queen Elizabeth II

लंदन। ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने गत गुरुवार को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में अंतिम सांस ली। 21 अप्रैल, 1926 को मेफेयर में 17 ब्रूटन स्ट्रीट में एलिजाबेथ एलेक्जेंड्रा मैरी के रूप में जन्मी, रानी ड्यूक और डचेस ऑफ यॉर्क की एलिजाबेथ बड़ी संतान थीं। चार साल बाद उनकी बहन राजकुमारी मार्गरेट का जन्म हुआ था। बचपन में एलिजाबेथ को घोड़ों और कुत्तों से बहुत प्यार था। 1939 में जब ब्रिटेन द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ रहा था। उस दौरान एलिजाबेथ ने इंग्लैंड में रहने का विकल्प चुना और कनाडा जाने के बजाय सेना में शामिल हुई। एक ड्राइवर और मैकेनिक के रूप में प्रशिक्षण के दौरान उसने प्रादेशिक सेवा में सेवा की।

इसी साल एलिजाबेथ को ग्रीस और डेनमार्क के राजकुमार फिलिप माउंटबेटन से प्यार हुआ। नवंबर 1947 में ही 21 साल की उम्र में एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप ने शादी की। फिलिप, रॉयल नेवी में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। दंपति के चार बच्चे हुए। प्रिंस चार्ल्स 1948, राजकुमारी ऐनी1950, प्रिंस एंड्रयू 1960, और प्रिंस एडवर्ड 1964,। 1952 में एलिजाबेथ के पिता किंग जॉर्ज पंचम की मृत्यु हो गई। इसके बाद वह ब्रिटेन की साम्राज्ञी बनी। उनका राज्याभिषेक 1953 में हुआ था। इसके बाद उन्होंने सात दशकों तक राष्ट्रमंडल प्रमुख के रूप में कार्य किया। 

1953 में एलिजाबेथ और उनके पति ने सात महीने की दुनिया की यात्रा शुरू की थी। इस दौरान इस जोड़े ने 13 देशों का दौरा किया। भूमि, समुद्र और वायु द्वारा 40,000 मील से अधिक दूरी तय की। वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की पहली शासक बनीं।
1957 में संयुक्त राज्य उन्होंने अमेरिका का दौरा किया। 1961 में उन्होंने भारत,साइप्रस, पाकिस्तान, नेपाल और ईरान का दौरा किया। 2012 में, रानी ने सिंहासन पर बैठने के 60 साल पूरे किए थे। इस खुशी पर उनके शासनकाल में समारोह आयोजित किए गए।
पिछले साल अप्रैल 2021 में प्रिंस फिलिप मृत्यु हो गई। इससे एलिजाबेथ महारानी विक्टोरिया के बाद विधवा के रूप में शासन करने वाली पहली ब्रिटिश सम्राज्ञी भी बनी। 

2017 में वह नीलम जयंती मनाने वाली पहली ब्रिटिश सम्राट बनीं। वह 6 फरवरी 1952 से गुरुवार को अपनी मृत्यु तक यूनाइटेड किंगडम की रानी बनीं रहीं थीं। इस वर्ष महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की प्लेटिनम जयंती, यूनाइटेड किंगडम और राष्ट्रमंडल के लोगों की सेवा के 70 वर्ष पूरे होने का समारोह आयोजित किया गया।