Pakistani Journalist As ISI Agent: भारत दौरे पर आकर पाकिस्तान स्तंभकार पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को देता था जानकारी

 
Pakistani Journalist As ISI Agent

नई दिल्ली। पाकिस्तान का स्तंभकार भारत आकर पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए अहम जानकारी जुटाता था। यह खुलासा पाकिस्तान के प्रसिद्ध स्तंभकार नुसरत मिर्जा ने साक्षात्कार में किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस शासनकाल में भारत आकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के लिए अहम जानकारियां जुटाया करते थे। उन्हें तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यकाल में भारत आने का न्योता मिलता था। कांग्रेस शासनकाल में भारत यात्रा पर कई बार आए नुसरत मिर्जा ने कैमरे पर यह कबूल किया। वह यात्रा की जानकारी लगातार आईएसआई के अधिकारियों को देते रहते थे। 

स्तंभकार मिर्जा ने राजनीतिक विश्लेषक शकील चौधरी को दिए गए साक्षात्कार में यह बातें कही हैं। नुसरत मिर्जा ने कहा कि वह कांग्रेस के कार्यकाल में पांच बार भारत दौरे पर गए थे। जिसमें उन्होंने 2011 के दौरे का भी जिक्र किया है। साक्षात्कार में मिर्जा ने भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का नाम लिया। अंसारी 2007 से 2017 तक भारत के 12वें उपराष्ट्रपति के पद पर रहे थे। मिर्जा ने कहा कि मुझे उनके कार्यकाल में भारत आने के लिए आमंत्रित किया गया था। जब वो वापस लौटकर पाकिस्तान गए तो आईएसआई के अधिकारियों ने उन्हें कहा कि जो भी जानकारी उन्होंने एकत्र की है वह आईएसआई के चीफ जनरल कियानी को दें। 

Read also: Netherlands Farmer Protest: नीदरलैंड में सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों पर फायरिंग

मिर्जा ने कहा उन्हें 12वें उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी का निमंत्रण मिला। वो पांच बार भारत गया। इस दौरान उसने बंगलूरू,दिल्ली, पटना, चेन्नई  और कोलकाता का दौरा किया। 2011 में वो मिल्ली गजट अखबार के मालिक जफरुल इस्लाम खान से  मिला था। जफरुल-इस्लाम खान दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष के अलावा भारतीय मुसलमानों के समाचार स्रोत मिल्ली गजट के संस्थापक-संपादक भी हैं।

मिर्जा ने बताया कि उसे भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान विदेश मंत्रालय से कई सहूलियतें मिलती थीं। आमतौर पर भारत के लिए वीजा आवेदकों को तीन स्थानों की यात्रा अनुमति मिलती थी। नवंबर 2002 से नवंबर 2007 के बीच विदेशमंत्री खुर्शीद कसूरी की मदद से उसे सात शहरों में जाने का वीजा मिला था। उस समय कांग्रेस का शासन भारत में था। उस समय वह आतंकवाद पर हुए सेमिनार में शामिल होने के लिए भारत आया था।