Pakistan Economic Crisis: आर्थिक मदद के बहाने चीन पाकिस्तान में जमा रहा अपने पैर,कंगाली की तरफ बढ़ रहा देश

 
Pakistan Economic Crisis

नई दिल्ली। अपना पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कंगाली की तरफ बढ़ रहा है। ऐसी कंगाली कि अब इसको कोई ऐसा ही देश बचा सकता है जो कि इस पर कब्जा जमाने की सोच सके। ऐसा देश चीन है जो पाकिस्तान को आर्थिक मदद के बहाने उस पर कब्जा जमाने की सोच रहा है। पाकिस्तान में पिछले कुछ साल में लगातार कंगाली छाई हुई है। पिछले प्रधानमंत्री इमरान खान अपना कार्यकाल पूरा किए बिना ही देश को बर्बाद कर अपना पद छोड़ चुके हैं। इमरान ने पाकिस्तान को कर्ज में झोंक दिया है। अब पाक की सत्ता शहबाज शरीफ के हाथ में है। प्रधानमंत्री बनते ही शहबाज शरीफ ने देश के नागरिकों को राहत देने के बजाय पेट्रोल की कीमत 30 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी। वहीं पाकिस्तान का मददगार दोस्त चीन आर्थिक मदद के बहाने अपने पैर जमा रहा है। निवेश और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के बहाने चीन ने अब पाकिस्तान के भीतर अपनी पैठ मजबूत की है। इस समय पाकिस्तान सरकार बीजिंग के आगे नतमस्तक है।  खबर है कि पाकिस्तान अपने कर्ज से मुक्ति पाने के लिए चीन को अवैध कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान  सौंप सकता है। खबर है कि पाकिस्तान बढ़ते कर्ज को कम करने और कर्ज का भुगतान करने के लिए गिलगित बाल्टिस्तान को चीन को लीज पर देगा। गिलगित बाल्टिस्तान के स्थानीय लोग इससे डरे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार गिलगित बाल्टिस्तान आने वाले समय में वैश्विक शक्तियों के लिए एक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनेगा। इसमें भारत के अभिन्न हिस्से गिलगित बाल्टिस्तान पर भी पाकिस्तान का अवैध कब्जा है। इससे भारत की भी मुश्किलें बढ़ेगी। 

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पाकिस्तान अगर ऐसा करता है तो गिलगित बाल्टिस्तान चीन के लिए एक वरदान साबित होगा। पाकिस्तान के इस कदम से उसको पैसा मिलेगा जिसकी उसे इस समय ज्यादा जरूरत है। इस समय पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तान का ये कदम उसे आर्थिक मदद तो देगा। लेकिन इससे वो अपने आका अमेरिका को नाराज कर सकता है। इस समय पाकिस्तान पर कुल कर्ज 42.8 ट्रिल्‍यन पाकिस्‍तानी रुपए है। पाकिस्तान इस समय इस हालत में नहीं है कि वह और कर्ज का बोझ उठा सके। सत्ता से जाते हुए इमरान खान देश को गले तक कर्ज में डुबो गए। इमरान के शासनकाल में पाकिस्तान पर 18.1 ट्रिल्‍यन रुपए का कर्ज बोझ बढ़ा है। फरवरी 2022 में पाकिस्तान पर कर्ज 42.8 ट्रिल्‍यन पाकिस्‍तानी रुपए है। फरवरी में विंटर ओलपिंक के नाम पर चीन ने इमरान खान सरकार को कर्ज दिया था। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान पर सबसे अधिक कर्ज चीन का है। जिस समय पाकिस्तान पर डिफाल्ट होने का खतरा था। उस दौरान इमरान ने चीन से नौ अरब डॉलर का लोन मांगा था। इस समय पाकिस्तान पर चीन का 18.4 अरब डॉलर का लोन बकाया है। जो कि पाकिस्तान के कुल विदेशी कर्ज का 20 फीसदी है। अब चीन पाकिस्तान पर अपने कर्ज वापसी का दबाव बना रहा है। जिससे पाकिस्तान सरकार परेशान है।