China-Russia Relation: रूस पर चीन के नजरिए में आया बदलाव, जिनपिंग कर रहे रूसी राष्ट्रपति पुतन से बातचीत में परहेज

 
China-Russia Relation:

बीजिंग। रूस यूक्रेन युद्ध के लगातार जारी रहने के बीच अब काफी कुछ बदलाव विश्व की राजनीति पर भी पड़ रहा है। रूस पर चीन के नजरिए में तेजी से बदलाव आया है। रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग निस्संदेह वैश्विक व्यवस्था को पुनर्निर्देशित करने की कोशिश में जुट गया है। लेकिन उसने फैसला किया है कि वह फिलहाल रूस का साथ खुलकर नहीं देने वाला है। एक राजनयिक ने कहा कि चीन मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को एक नया आकार देने के लिए रूस के साथ मिलकर काम करने की बात अब साफ तौर पर नहीं करना चाहता। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि रूस और चीन की साझेदारी दोनों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जून में रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 15 फोन कॉल में अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक शासन के विकास पर सहयोग के बारे में बात की थी। जिसके बाद जिनपिंग ने रूस के साथ मिलकर काम करने की भी बात कही थी। शी ने कहा कि चीन प्रमुख देशों के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए रूस के साथ मिलकर काम करेगा। इसी के साथ ही दोनों देश बदलाव और अव्यवस्था की दुनिया में स्थिरता को लाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। इसका अर्थ यह हो सकता है कि रूस वर्तमान में एक प्रमुख देश के रूप में अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहा है या वैश्विक स्थिरता में योगदान भी नहीं दे रहा है।

राष्ट्रपति शी अब इसी तरह की आंतरिक टिप्पणी कर रहे हैं। पिछली बार शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से पहले राष्ट्रपति शी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने चार फरवरी को बीजिंग में गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया था। जहां पुतिन शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। उसके बाद उनके संयुक्त बयान ने दुनिया को बता दिया था कि दोनों देशों के बीच दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। युद्ध के बाद से अब समय काफी बदल गया है। शी अब विश्व व्यवस्था को चीन के अनुसार बदलने के लिए बीजिंग और मॉस्को के संयुक्त प्रयासों का स्पष्ट रूप से जिक्र करने से परहेज कर रहे हैं। इसी तरह से गत 15 सितंबर की एससीओ बैठक चीन और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग पर काफी हद तक शांत ही रहे। जबकि राष्ट्रपति शी दोनों के बीच प्रभावी रणनीतिक संचार को स्वीकार करते हैं। जून में उनके वादे से अब काफी गुणात्मक बदलाव दिखाई दिया है। जिसमें कहा गया था कि रणनीतिक समन्वय को गहरा करते हुए चीन अब रूस के साथ काम करने के लिए तैयार है।