Latest News Today: ईरान ने भारत से किया तेल खरीद का आग्रह

 
iran urges india to buy oil

तेहरान। पिछले एक महीने के भीतर भारत और ईरान के बीच तीन बार आधिकारिक स्तर वार्ता हो चुकी है। इन सभी वार्ताओं में ईरान अधिकारियों ने भारत से एक ही आग्रह किया। आग्रह यह है कि जैसे अंतराष्ट्रीय प्रतिबंध को नजरअंदाज कर भारत रूस से क्रूड खरीद रहा है वैसे ही वह ईरान से तेल खरीदे। इसके बदले ईरान भारत को तेल खरीद में वो सारी सुविधायें देगा जो रूस से मिल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान को तेल निर्यात करने की छूट देने की मांग पहले ही कर चुके हैं। लेकिन भारत ने अभी ईरान से इस तरह का कोई वादा नहीं किया। ईरान और भारत के बीच चल रही वार्ताओं की जानकारी रखने वाले राजनयिक सूत्रों ने बताया है कि भारत ने जिस तरह से ईरान से संवाद को तेज किया है इससे तेहरान काफी उत्साहित है।

Read also: पाकिस्तान से मनी लॉड्रिंग का पैसा ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि को भी गया


जून माह में ईरान विदेश मंत्री आमिर अब्दोलाहियां नई दिल्ली की यात्रा पर आये थे। उनके बाद उप विदेश मंत्री मेहदी सफारी  भारत दौरे पर आए और अब विदेश सचिव विनय क्वात्रा ईरान के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री डा. अली बाघेरी कानी के बीच बात हुई। इन तीनों वार्ताओं में दो मुद्दों सबसे ज्यादा बातचीत में शामिल रहे।


एक तो चाबहार पोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाए जाने पर जोर और दूसरा ऊर्जा कारोबार को किस तरह से पटरी पर लाए। जून माह में यूरोपीय दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय फोरम में कहा था कि ईरान को तेल आपूर्ति करने की मंजूरी क्यों नहीं दी जा रही है।


किसी बड़े देश के विदेश मंत्री की तरफ से ईरान को समर्थन हाल के दिनों में नहीं मिला। जयशंकर के इस बयान के बाद यूरोपीय देशों की तरफ से ईरान के समर्थन में आवाज उठी। यूरोपीय देश रूस से तेल व गैस की आपूर्ति बाधित होने से परेशान हैं।

Read also: इजरायल के साथ बातचीत से अरब देशों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती : ईरान


 खबर है कि राष्ट्रपति बाइडन की होने वाली खाड़ी क्षेत्र की वार्ता के बाद ईरान के साथ परमाणु संयंत्र नियंत्रण को लेकर वार्ता शुरू हो सकती है। वर्ष 2018-19 में अमेरिका के नेतृत्व में ईरान पर प्रतिबंध लगाया था। उसके पहले भारत ईरान के सबसे बड़े तेल खरीददार देशों मे रहा है। भारत ने वर्ष 2019 के बाद ईरान से क्रूड खरीदना बंद कर दिया। भारत जैसा बड़ा तेल खरीददार देश अगर फिर खरीदता है तो ईरान की इकोनोमी के लिए ये सकारात्मक होगा।