G7 Summit: तेल पर रूसी बादशाहत तोड़ने को जी-7 देशों के साथ मिलकर अमेरिका ने बनाई ये योजना

 
G7 Summit:

वाशिंगटन। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आर्थिक मोर्चे पर झटका देने को अमेरिका ने जी-7 देशों के साथ मिलकर योजना तैयार की है। अमेरिका ने कहा कि हम  जी-7 देशों द्वारा घोषित रूसी तेल मूल्य सीमा लागू करने के फैसले को लागू कर पुतिन की मनमानी पर रोक लगाएंगे। व्हाइट हाउस सचिव करेन जीन ने कहा कि रूस के तेल पर मूल्य सीमा तय करना शक्तिशाली उपकरण है। जिससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में इसके बाद कमी आएगी। इसका लाभ विश्व स्तर पर उपभोक्ताओं को होगा। इससे पहले जी-7 के वित्त मंत्रियों ने इस मुद्दे पर बैठक की। बैठक में कहा कि इस फैसले से यूक्रेन में युद्ध को आगे बढ़ाने वाले रूस के राजस्व पर असर पड़ेगा।

Read also: CM Yogi In Bijnor: मुख्यमंत्री योगी आज विदुर की धरती में करेंगे जनसभा को संबोधित, अधिकारी मुस्तैद तैयारी पूरी

अमेरिका का मानना है कि भारत सहित कुछ देशों ने रूस से तेल खरीद बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए अब अमेरिका रूस से बाहर भेजे जाने वाले तेल दामों के दाम तय करना चाहता है। इस फैसले से रूस के राजस्व के ऊपर बोझ बढ़ेगा वहीं वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं को इसका फायदा होगा। इससे अमेरिका जी-7 देशों की आड़ में तेल के निर्यात में दुनिया में बादशाहत भी हासिल करने की कोशिश में है।  वहीं जी-7 देशों ने कहा कि इस फैसले को मूर्त रूप देने के लिए व्यापक गठबंधन की दिशा में काम हो रहा है। लेकिन फ्रांस में अधिकारियों ने रूकने का आग्रह किया और कहा कि अंतिम  निर्णय केवल तभी लिया जाएगा। जब यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य सहमति दे। हालांकि जी-7 देश फैसले पर दृढ़ हैं। बता दें कि जी-7 में कनाडा, ब्रिटेन, इटली,  फ्रांस, जापान और अमेरिका शामिल हैं।