Google: गूगल टेक कंपनी अपने कर्मचारियों पर फिर से सख्त हो गई है। इस बार गूगल आफिस नहीं आने वाले कर्मचारियों पर सख्त हुई है। गूगल ने सप्ताह में तीन दिन आफिस से काम करने की बात नहीं मानने वाले कर्मचारियों पर सख्ती की बात कही है। Google के एक ईमेल में चीफ ऑफिसर फियोना सिक्कोनी ने लिखा है कि हर कोई ‘जादुई हॉलवे वार्तालाप’ में विश्वास नहीं करता। लेकिन इसमें कोई सवाल नहीं है कि एक कमरे में एक साथ काम करने से कर्मचारियों में सकारात्मक असर पड़ता है।
गूगल के कर्मचारी टेक दिग्गज कंपनी के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को आदेश दिया था कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन आफिस से काम करना होगा। गूगल सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्रिस श्मिट ने अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन की तरफ से एक बयान जारी कर लिखा कि “रातोंरात, हमारे प्रदर्शन मूल्यांकन से जुड़े नियमों में बदलाव कर श्रमिकों के हितों की अवहेलना की जा रही है। अल्फाबेट के गूगल ने गत बुधवार को अपने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि अब अधिकांश कर्मचारी नियमित रूप से आफिस लौटेंगे।
ब्लूमबर्ग की ओर से एक समीक्षा रिपोर्ट के बाद एक ईमेल में चीफ पीपल ऑफिसर फियोना सिक्कोनी ने लिखा, “हर कोई ‘जादुई हॉलवे वार्तालाप’ में विश्वास नहीं करते। लेकिन इसमें कोई सवाल नहीं है कि एक कमरे में एक साथ काम कर्मचारियों के काम करने से सकारात्मक अंतर आता है। सिकोनी ने कहा कि मई में टेक कंपनी के साल के बिजनेस सम्मेलन गूगल आई/ओ और गूगल मार्केटिंग लाइव इवेंट में अनावरण किए कई उत्पादों की कल्पना, विकास और निर्माण पर टीमों की तरफ से एक साथ काम किया गया था।
सिक्कोनी ने कहा कि उपस्थिति अब कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा में एक कारक होगा। टीमें उन कर्मचारियों को रिमाइंडर भेजना शुरू करेगी। जो इस हफ्ते कनाडा और यूएस ईस्ट कोस्ट में वायु-गुणवत्ता-नियंत्रण चेतावनी जैसी विशेष परिस्थितियों को छोड़ आफिस से अनुपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि गूगल नए रिमोट अनुरोधों पर अपवाद के तौर पर विचार करेगा।
Google: दफ्तर में नहीं आने वाले कर्मचारियों पर गूगल सख्त, कंपनी करेगी छंटनी
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