Manipur: CBI ने मणिपुर में महिलाओं के नग्न वायरल वीडियो मामले में FIR दर्ज की है। एफआईआर हिंसाग्रस्त राज्य में दो महिलाओं के साथ दरिंदगी के मामले में दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने मणिपुर हिंसा और महिलाओं के नग्न वायरल वीडियो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इसकी जानकारी Central सरकार ने Suprem court को भी दी थी। इसी के साथ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में
affidavit filed कर मामले की सुनवाई Manipur से बाहर कराने का आग्रह किया था।
राज्य में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाए जाने संबंधी घटना का चार मई का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में कड़ी आलोचना हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर अब मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा है। सीबीआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मणिपुर पुलिस द्वारा दर्ज की एफआईआर के संबंध में action शुरू कर दी है।
इस बीच मणिपुर राज्यपाल अनुसुइया उइके ने चुराचांदपुर में राहत शिविरों का दौरा किया है। राज्यपाल ने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि मणिपुर में शांति कब बहाल होगी। मैं कोशिश कर रही हूं कि शांति बहाल करने के लिए दोनों समुदायों के लोग बात करें। हम उनसे बात कर रहे हैं और सभी राजनीतिक दलों से प्रक्रिया में मदद करने के लिए कहा है। विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ सांसदों की राज्य की दो दिवसीय यात्रा पर मणिपुर की राज्यपाल ने कहा कि मैं उनसे राज्य में शांति बहाल करने में योगदान की अपील करती हूं।
राहत शिविर में महिलाओं के आंसू देख राज्यपाल ने दी सांत्वना
मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने चुराचांदपुर में राहत शिविर केंद्रों में रहने वाले लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिविरों में पीड़ितों से बातचीत की। इस दौरान एक महिला ने राज्यपाल को आपबीती सुनाई। बात करते हुए महिला भावुक हो गईं। राज्यपाल ने उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा सरकार उन लोगों को मुआवजा भी देगी। जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है जिनकी संपत्ति का नुकसान हुआ है। मैं शांति और मणिपुर के लोगों के भविष्य के बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगी।

