देहरादून। आखिरकार कांग्रेस को प्रदेशाध्यक्ष के रूप में करण माहरा मिल गए हैं। पूर्व विधायक करण माहरा को कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं नेता विधायक दल के रूप में यशपाल आर्य को जिम्मेेदारी सौंपी गई है। प्रदेश विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से पराजित हुई कांग्रेस ने अब संगठन को दुरूस्त करने की ओर कदम बढ़ाया है।
इसी कड़ी में कांग्रेस ने संगठन में फेरबदल करते हुए प्रदेशाध्यक्ष पद से यशपाल आर्य को हटा दिया और उनके स्थान पर उत्तराखंड की कमान पूर्व विधायक करण माहरा को सौंपी गई है। नए प्रदेशाध्यक्ष करण माहरा अल्मोड़ा की रानीखेत सीट से विधायक रह चुके हैं। यशपाल आर्य विधानसभा में कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनके अलावा भुवन चंद्र कापडी विधायक दल के उप नेता बने है।
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पार्टी हाई कमान ने नेता प्रतिपक्ष रहीं डा0 इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह को इस पद की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद प्रीतम सिंह की जगह पूर्व विधायक गणेश गोदियाल को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। इसी के साथ ही चार कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति हुई थी। यह प्रयोग विधानसभा चुनाव के मददेनजर किए गए थे। लेकिन कांग्रेस के ये प्रयोग सफल नहीं हो सके।
70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा में 47 सीटें जीतकर भाजपा पूर्ण बहुमत में आई। कांग्रेस सत्ता में तो वापसी नहीं कर पाई लेकिन उसके विधायकों की संख्या जरूर 11 से 19 तक पहुंची। केसी वेणुगोपाल कांग्रेस महासचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार तीनों पदों पर नियुक्ति को हाई कमान ने सहमति दी है।
नए प्रदेशाध्यक्ष करण माहरा पहले दो बार विधायक रह चुके हैं। नेता विधायक दल यशपाल आर्य पिछली भाजपा सरकार में मंत्री रहे थे। विस चुनाव से पहले यशपाल ने कांग्रेस में वापसी की थी। आर्य पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। उप नेता विधायक दल बनाए गए भुवन चंद्र कापड़ी पहली बार विधायकी का चुनाव जीते हैं। कापड़ी ने खटीमा विस सीट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हराया है।

