Uttarakhand News: थानों में खड़े 16 हजार वाहन तीन महीने में होंगे नीलाम, RTO को देनी होगी रिपोर्ट

आबकारी एक्ट के तहत पकड़े वाहनों को छुटवाने के लिए अगर छह माह के अंदर वाहन स्वामी दावा नहीं करता तो जिलाधिकारी ऐसे वाहनों नीलाम करवा सकते हैं। लावारिस वाहनों में वाहन स्वामी या बीमा कंपनी छह महीने के अंदर एसएसपी, एसपी के सामने अपना दावा नहीं पेश नहीं करते तो ऐसे मामलों में एक बार थानाध्यक्ष बीमा कंपनी से संपर्क करेंगे।
 
कबाड़ वाहनों की नीलामी

देहरादून। उत्तराखंड के थानों में खड़े 16 हजार कबाड़ वाहनों की जल्द ही नीलामी होगी। इसके लिए पुलिस और आरटीओ विभाग मिलकर काम करेंगे। बता दें कि प्रदेश के थानों, चौकिंयों और आरटीओ कार्यालय में पिछले कई साल से वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है। इन वाहनों की संख्या सैकड़ों में नहीं बल्कि हजारों में है। एक अनुमान के अनुसार जो रिपोर्ट पुलिस ने बनाई है उसके अनुसार करीब 16 हजार वाहन ऐसे हैं जिनकी नीलामी की जाएगी। इसके लिए पुलिस की ओर से आरटीओ विभाग को वाहनों की सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। जिस पर 15 दिन में वाहनों का मूल्यांकन कर आरटीओ को रिपोर्ट पुलिस को वापस देनी होगी।

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आरटीओ विभाग की रिपोर्ट आने के एक महीने के भीतर नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। नीलामी में सही रेट नहीं मिलने पर 15 दिन के भीतर दूसरी नीलामी की जाएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने इनकी नीलामी के लिए एसओपी जारी की है। इसके अनुसार, कोर्ट में विचाराधीन अपराधों से संबंधित वाहन भी कोर्ट की अनुमति के बाद नीलाम होंगे।

आबकारी एक्ट के तहत पकड़े वाहनों को छुटवाने के लिए अगर छह माह के अंदर वाहन स्वामी दावा नहीं करता तो जिलाधिकारी ऐसे वाहनों नीलाम करवा सकते हैं। लावारिस वाहनों में वाहन स्वामी या बीमा कंपनी छह महीने के अंदर एसएसपी, एसपी के सामने अपना दावा नहीं पेश नहीं करते तो ऐसे मामलों में एक बार थानाध्यक्ष बीमा कंपनी से संपर्क करेंगे। बीमा कंपनी कोर्ट की सहायता से एक महीने के भीतर वाहन छुड़ा सकती है। अगर ऐसा नहीं होता तो ऐसे वाहनों की नियमानुसार नीलामी कर दी जाती है।

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