- कोरोना वायरस से संक्रमित महिलाओं के लिए परेशानी का कारण
- मानकों से कम मिल रहा गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन
कोरोना संक्रिमत गर्भवितयों में हीमोग्लोबिन की कमी गर्भ मे पल रहे नवजात के लिए खतरे की घंटी बजा रही है. एनिमिक होने की वजह से जहां गर्भवती की सेहत पर असर पड़ रहा है वहीं नवजात की फिज़िकल और मेंटल ग्रोथ भी इससे प्रभािवत हो रही है. हालात ये है कि अधिकाँश महिलों में हीमोग्लोबिन का लेवल मानकों से बहुत कम मिल रहा है. इसका खुलासा कोरोना धनात्मक महिलाओं में हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट में हुआ है. इसका बड़ा साइड इफेक्ट कम इम्यूिनटी पॉवर के रूप में भी सामने आ रहा है.
करीब 70 प्रितशत मिहलाओं में मिली कमी
कोरोना धनात्मक महिलाओं का प्रसव कोविड अस्पताल में ही किया जा रहा है. मेडिकल कॉलेज समेत दूसरे अस्पतालाें में अब तक 60 से ज्यादा कोरोना पॉज़िटिव महिलाओं की डिलीवरी हो चुकी है. हालाँकि इनसे अलग कुछ महिलाऐं प्रसव के बाद भी धनात्मक मिली हैं. जिनमें 70 प्रतिशत महिलाऐं ऐसी सामने आई हैं जिनमें हीमोग्लोबिन की विशेष कमी पाई गई है. रिपोर्ट के अनुसार स्थिति यह है कि अधिकतर महिलाओं में 6 से 9 ग्राम हीमोग्लोबिन की मात्रा पाई गई है. जबकिे कुछ महिलाओं में तो 4 से 5 ग्राम तक हीमोग्लोिबन का लेवल मिला है. विभाग के मानकों के अनुसार स्वस्थ महिलाओं का स्तर 10 से 12 ग्राम होना चाहिए.
यह हो रही दिक्तत
हीमोग्लोबिन की कमी से महिलाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है. शुगर, ब्लड प्रेशर, यूरीन में एल्बुमिन की कमी , ओवरवेट, घबराहट, चिड़चिड़ापन, अवसाद जैसी समस्याएं पैदा हो रही है. इसके अलावा गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क प्रेग्नेंसी जोन में भी आ रही है. वहीं आयरन कम होने की वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा भी ऐसी महिलाओं में कई गुना बढ़ रहा है.
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काफी सावधानी की जरूरत होती है. हीमोग्लोबिन कम होने की वजह से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होेने लगती है. वहीं संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. महिलाओं को चाहिए कि वह पौष्टिक चीजों का सेवन करें. —डा. पूजा शर्मा, एसीएमओ, मेरठ

