नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से अगर आइपीएल को भारत में आयोजित नहीं कराया जा सकता है तो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका के बाद न्यूजीलैंड ने मेजबानी की पेशकश की है. अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 विश्व कप स्थगित होना तय माना जा रहा है जिससे आइपीएल के लिए वह विंडो बनती है. बीसीसीआइ पहले ही सितंबर के आखिर से नवंबर के बीच आइपीएल कराने की संभावना पर विचार कर रहा है.
भारत में आयोजन प्राथमिकता
बोर्ड का पहला विकल्प भारत में ही इसे कराना होगा, लेकिन यहां कोरोना वायरस के बढते मामलों को देखकर यह संभव नहीं लगता. अमेरिका और ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मामले भारत में ही हैं. बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, भारत में आइपीएल कराना प्राथमिकता होगी, लेकिन अगर यहां नहीं हो सका तो दूसरे विकल्प देखने होंगे. संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और न्यूजीलैंड मेजबानी की पेशकश कर चुके हैं.
सुरक्षा सर्वोपरि
उन्होंने कहा, हम सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर फैसला लेंगे. खिलाडिय़ों की सुरक्षा सर्वोपरि है. उस पर कोई समझौता नहीं होगा. आइपीएल का 2009 सत्र भारत में आम चुनावों के कारण दक्षिण अफ्रीका में हुआ था. इसके बाद 2014 में इसी कारण से कुछ मैच यूएई में खेले गए थे, लेकिन 2019 में चुनाव के बावजूद आइपीएल भारत में ही हुआ. अगर आइपीएल विदेश में होता है तो अमीरात मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे है.
न्यूजीलैैंड से साढ़े सात घंटे का फर्क
न्यूजीलैंड भले ही कोरोना मुक्त हो गया है, लेकिन भारत और वहां के समय में साढ़े सात घंटे का फर्क है. अगर मैच दोपहर 12.30 पर शुरू होते हैं तो ऑफिस जाने वाले या घर से ही काम करने वाले भी इसे नहीं देख पाएंगे. हैमिल्टन से आकलैंड के अलावा वेलिंगटन, क्राइस्टचर्च, नेपियर या डुनेडिन हवाई जहाज से ही जाया जा सकता है. अधिकारी ने बताया कि आइपीएल संचालन परिषद की बैठक की तारीख जल्दी ही बताई जाएगी जिसमें इन सब बातों और चीनी प्रायोजकों के करार पर चर्चा होगी.

