Site icon Buziness Bytes Hindi

न्यूज़ीलैण्ड ने रचा इतिहास, भारत में जीती पहली टेस्ट शृंखला

santner

न्यूज़ीलैण्ड के इतिहास में आजतक जो काम कोई भी कप्तान, किसी भी दौर की टीम न कर सकी वो इस दौर की टीम टीम और इस दौर के कप्तान टॉम लाथम ने कर दिखाया। न्यूज़ीलैण्ड की टीम ने इतिहास बनाते हुए भारत को पहली बार उसी की धरती पर टेस्ट श्रंखला में हराया। इस हार के साथ अपने घरेलू मैदानों पर टीम इंडिया का कोई भी टेस्ट श्रंखला न हारने का 12 साल से चला आ रहा सिलसिला भी टूट गया. पहली पारी में तबाही मचाने वाले लेग स्पिनर मिचेल सेंटनेर ने दूसरी पारी में भी तबाही मचाने वाली गेंदबाज़ी की और 6 विकेट हासिल कर मैच में कुल 13 विकेट हासिल किये। सेंटनेर के प्रदर्शन ने तीन साल बाद टीम में वापसी करने वाले वाशिंगटन सुंदर के प्रदर्शन को भी फीका कर दिया जिन्होंने मैच में कुल 11 विकेट हासिल किये। सेंटनेर को मैच जिताऊ गेंदबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ़ दी मैच से सम्मानित किया गया.

न्यूज़ीलैण्ड को दूसरी पारी में 255 रनों पर समेटकर टीम ने कुछ उम्मीदें पैदा की थीं, उसे जीत के लिए 359 रनों का लक्ष्य मिला था. लक्ष्य का पीछा करने की शुरुआत काफी अच्छी हुई थी, विशेषकर यशस्वी जायसवाल काफी आक्रमक बल्लेबाज़ी कर रहे थे मगर कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एकबार फिर निराश किया। इन दोनों से भारतीय समर्थकों को काफी उम्मीदें थी मगर वो उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कप्तान साहब सिर्फ आठ रन बनाकर सेंटनेर का पहला शिकार बने वहीँ कोहली भी सिर्फ 17 रन ही बना सके और सेंटनेर ने उन्हें भी पगबाधा आउट किया. उससे पहले शुभमण गिल 23 रन बनाकर सेंटनेर का शिकार बने. यशस्वी जो काफी आक्रमक नज़र आ रहे थे 65 गेंदों पर 77 रनों की पारी खेलकर सेंटनेर का तीसरा शिकार बने थे.

टॉप आर्डर निपटने के बाद मिडिल आर्डर ने भी सरेंडर कर दिया। ऋषभ पंत रन आउट हो गए, सरफ़राज़ ने सेंटनेर का पंजा पूरा किया। वाशिंगटन सूंदर को प्रोमोट किया गया था, उन्होंने कुछ अच्छी बल्लेबाज़ी भी की लेकिन जब ऐसा लग रहा था कि सुन्दर और जडेजा अपने डोमेस्टिक रिकॉर्ड के हिसाब से बल्लेबाज़ी कर सकते हैं तभी ग्लेन फिलिप्स ने सूंदर को 21 रनों पर चलता कर दिया। अश्विन के रूप सेंटनेर को अपना छठा विकेट मिला, इसके बाद जडेजा भी 42 रन बनाकर एजाज़ पटेल की गेंद पर आउट हो गए, एजाज़ ने आकाशदीप को चलता कर भारतीय पारी को 245 रनों पर समेट दिया और कीवी टीम ने इतिहास रच दिया।

Exit mobile version