नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने भारत और श्रीलंका में चमगादड़ों की नई प्रजाति का पता लगाया है। इन चमगादड़ों की लंबी अंगुलियां हैं। शोधकर्ताओं ने चमगादड़ों की नई प्रजाति का नाम मिनिओप्टेरस फिलिप्सी दिया है। इस तरह के चमगादड़ों का डेरा गुफाओं और सुरंगों में होता है। इस प्रजाति के चमगादड़ों के नमूने श्रीलंका में उवा प्रांत में इदुल्गाशिन्ना गुफा से एकत्र किए थे और अब पड़ोसी देश के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में जमा किए हैं। 2019 में हुए प्रारंभिक शोध श्रीलंका में शुरू हुआ था। लेकिन इसे श्रीलंका और भारत दोनों में पूरा होने में तीन साल का समय लग गया है। यह वास्तव में चमगादड़ों की मौजूदा प्रजातियों से बिल्कुल अलग है। इनके हाथ के साथ इनके शरीर बनावट अलग तरह की है। भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण के वरिष्ठ वैज्ञानिक उत्तम सैकिया ने बतया कि श्रीलंका में रोहाना विश्वविद्यालय से थरका कुसुमिंडा के नेतृत्व में टीम ने इसका पता लगाया।
इस शोध में 13 प्रसिद्ध वैज्ञानिक शामिल रहे थे। इनमें श्रीलंका से छह और भारत के अलावा स्विट्जरलैंड, रूस, ब्रिटेन,हंगरी, अमेरिका से एक.एक वैज्ञानिक शोध में शमिल हुए। इसका नाम डब्ल्यूडब्ल्यूए फिलिप्स 1892-1981 के नाम पर श्रीलंका और दक्षिण एशिया के स्तनधारियों पर अध्ययन में योगदान की मान्यता के तौर पर रखा है। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका एक्टा चिरोप्टेरोलोजिका में प्रकाशित शोध के मुताबिक ‘मिनिओप्टरिडे’ परिवार से संबंधित लंबी उंगलियों वाले चमगादड़ दुनिया में कम से कम 40 प्रजातियों के एक बड़े ग्रुप का हिस्सा हैं। इससे पहले शोधकर्ताओं को मेघालय के जंगलों में चमगादड़ों की मोटे अंगूठे वाली प्रजाति मिली थी। जिसका नाम ‘ग्लिस्क्रोपस मेघलायनस’ रखा गया था। इनका आकार छोटा था। शरीर भूरा और पेट का रंग पीला था। ये एक विशेष प्रकार के चमगादड़ हैं, जो बांस के पोर में रहते हैं।
