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नौ न्यायाधीशों को एक साथ शपथ के साथ रचा नया इतिहास


नौ न्यायाधीशों को एक साथ शपथ के साथ रचा नया इतिहास

नई दिल्ली। ऐसा पहली बार हुआ है भारत के संविधानिक इतिहास में। मंगलवार का दिन भारत की सबसे बड़ी न्यायिक व्यवस्था के लिए अभूतपूर्व दिन साबित हुआ। सुप्रीम कोर्ट में बीते दिनों ही नियुक्त किये गये नौ नये न्यायाधीशों को उनके पद की शपथ दिलायी गई। इस मौके पर इतने भव्य का आयोजन का पहला अवसर रहा। शपथ लेकर पदभार संभालने वाले नौ नये न्यायाधीशों में तीन महिलाएं जबकि चार पुरुष न्यायाधीश सम्मिलित हैं। ओथ-सेरेमॉनी सेलिब्रेशन सुप्रीम कोर्ट के एक्स्ट्रा बिल्डिंग एरिया के हॉल में आयोजित किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट की हिस्ट्री में यह पहला अवसर रहा जबकि, नौ न्यायाधीशों ने एक संग शपथ ली। अमूमन नये न्यायाधीश को शपथ प्रधान न्यायाधीश के कोर्ट रूम में दिलाये जाने की परम्परा रही है। नौ नये न्यायाधीशों की शपथ के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई रमण समेत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। हालांकि, स्वीकृत संख्या फिलहाल 34 की है। ओथ-सेरेमॉनी का दूरदर्शन, डीडी इंडिया और लाइव वेबकास्ट पर डॉयरेक्ट टेलीकास्ट हुआ।

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जिन न्नौ न्यायाधीशों ने मंगलवार को अपने पद की शपथ ली उनमें हैं. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओका, न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और पीएस नरसिम्हा के नाम शामिल है।

मालूम हो कि, न्यायमूर्ति नागरत्ना सितंबर 2027 में पहली महिला सीजेआई बनने की दिशा में हैं। इनके बारे में बता दें कि यह जस्टिस नागरत्ना पूर्व सीजेआई ई एस वेंकटरमैया की सुपुत्री हैं। इन नौ नये न्यायधीशों में से तीन जस्टिस नाथ, नागरत्ना और नरसिम्हा सीजेआई बनने की लाइन में शामिल हैं।

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गौरतलब है कि, नौ नये न्यायाधीशों के नामों को सीजेआई रमण के नेतृत्व वाले कॉलेजियम ने बीती 17 अगस्त को हुई बैठक में मुहर लगी थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में नये जजों के एप्वाइंटमेंट को लेकर 21 माह से जारी दुविधा समाप्त हो गयी। इससे पहले बाधा के कारण ही साल 2019 के बाद से एक भी नये न्यायाधीश का एप्वाइंटमेंट शीर्ष कोर्ट में नहीं हो पायी थी।

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