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यूपी धर्मांतरण मामले में नया खुलासा: मज़हब बदलने वालों में 55% से ज्यादा महिलाएं


यूपी धर्मांतरण मामले में नया खुलासा: मज़हब बदलने वालों में 55% से ज्यादा महिलाएं

नई दिल्ली: यूपी में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े मामले में एक नया खुलासा हुआ है. यूपी एटीएस के मुताबिक उमर गौतम और उसके साथियों ने जिन लोगों का IDC संस्था के जरिए धर्मांतरण कराया है उनमें 55% से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं. इसके अलावा जांच में सामने आया है कि धर्म बदलने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है. धर्मांतरण के लिए इस संस्था को विदेश से भी बड़ी मात्रा में फंड मिल रहा था इसी के चलते अब ED ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

HSBC बैंक खाते से मिले थे 1.5 करोड़ रुपए
यूपीएटीएस को जांच में पता चला है कि उमर गौतम के HSBC बैंक के एक खाते में अज्ञात विदेशी स्त्रोत से 1.5 करोड़ रुपए दान में मिले थे. इस पैसे का इस्तेमाल अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन ने किया था. आरोपी उमर गौतम इस NGO का वाइस चेयरमैन है और उसी ने ये पैसा संस्था को दिया था. मुंबई की एक अन्य संस्था अजमल फाउंडेशन को भी IDC ने ग्रांट दी थी.

हवाला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि उमर गौतम के पास खाड़ी से धन लाने के लिए दिल्ली के चांदनी चौक में एक हवाला नेटवर्क है. भरूच के निवासी और मजलिस अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े एक अन्य शख्स अब्दुल्ला आदम पटेल पर भी उमर गौतम से मिले पैसे के जरिए धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है.

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5 लाख से भी ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन
उमर गौतम ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसके साथी मौलाना कलीम सिद्दीकी ने बीते सालों में 5 लाख से भी ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है. IDC के जरिए नाबालिगों के धर्मांतरण को भी अंजाम दिया जा रहा था. फरीदाबाद की एक नाबालिग लड़की का भी पता चला है जिसका बीते दिनों धर्मांतरण कराया गया है. धर्मांतरण करने वाले जिन लोगों के नाम एटीएस को मिले हैं उनमें ईसाई 4%, सिख 0.75% और एक जैन व्यक्ति भी शामिल हैं.

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