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न कोई फेल हुआ न रहा एब्सेंट

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शनिवार को दसवीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए गए यह पहली बार है जब बिना परीक्षा परिणाम जारी किए गए हैं बोर्ड की ओर से जारी इस रिजल्ट में सबसे खास बात यह रही कि ना तो स्टूडेंट फेल हुए और ना ही कोई अनुपस्थित रहा। 10वीं में जहां प्रदेश के अधिकतर जिलों के परिणाम शत-प्रतिशत रहे हैं वहीं 12वीं में कुछ ही जिलों के परिणाम शत-प्रतिशत हैं। हालांकि मेरठ समेत मंडल के सभी जिलों का परिणाम बेहतर रहा है।

लड़कियां फ़िर आगे
यूपी बोर्ड के रिजल्ट्स में लड़कियां एक बार फिर काबिल साबित हुई है। मेरठ समेत प्रदेश के 12 जिले बागपत, बुलंदशहर,सहारनपुर, हापुड,शामली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, इटावा, औरैया, मुजफ्फरनगर और कन्नौज के कुल 3 लाख 34 हजार 29 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। जिसमें से 94.92 प्रतिशत यानी 135893 लड़कियां पास हुई हैं। जबकि परीक्षा में 143159 लड़कियां अपीयर हुई थी। वहीं 176,662 यानी 92.5 प्रतिशत लड़के पास हुए है। लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों के मुकाबले 2.4 प्रतिशत अधिक रहा है। इन जिलों के कुल 190,870 लड़के परीक्षा में अपीयर हुए थे। जबकि बोर्ड में 3 लाख 37 हजार 741 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड थे। इसमें से 193074 लड़के और 144667 लड़कियां थी। 12 जिलों का पास प्रतिशत 93.57 प्रतिशत रहा है।

मार्क्स की बारिश
कोरोना संक्रमण के चलते इस बार बोर्ड की परीक्षाएं कैंसिल हो गयी थी. हालांकि रिजल्ट्स बताते हैं कि बोर्ड ने बिना परीक्षा ही स्टूडेंटस पर नम्बर की जमकर बौछार की है। हालांकि ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या भी काफी रही हैं जिन्हें बोर्ड ने बड़े स्तर पर प्रमोट किया है. बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 12वीं में 62 हजार से ज्यादा ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्हें प्रमोट किया गया है वहीं दसवीं में 2910 स्टूडेंटस को प्रमोट किया गया है जबकि 10वीं में 83 हजार से ज्यादा ऐसे स्टूडेंट्स प्रदेश भर में रहे हैं। 10 वीं में सबसे ज्यादा सीतापुर जिले के 7174 और 12 वी में बुलंदशहर जिले के 2868 स्टूडेंट्स प्रमोट हुए हैं

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