जेपी ग्रीन सोसाइटी में लगा टीका, सर्टिफिकेट में आ रहा अलीगढ़ का नाम
लोगों को टीके के असली होने पर संदेह, जांच कराने की मांग
ग्रेटर नोएडा। कोरोना की रोकथाम के लिये चलाये जा रहे महाअभियान में कई स्तरों पर लापरवाही भी सामने आ रही है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का है जहां की जेपी ग्रीन सोसायटी में रहने वाले लोगों को टीका लगाया गया मगर उनके सर्टिफिकेट पर टीकाकरण का स्थान अलीगढ़ आ रहा है। सोसायटी के लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है। उनका कहना है कि वह इस पूरे टीकाकरण अभियान की जांच कराएं। ताकि उन लोगों को इस बात का पता लग सके जो टीका लगाया गया है वह वास्तव में असली है या नहीं।
ग्रेटर नोएडा की जेपी ग्रीन्स हाउसिंग सोसायटी के निवासियों का कहना है कि उनके क्षेेत्र में 21 मई और 27 मई को कोवाक्सिन टीकाकरण कैंप लगाए गए थे। उनको टीका तो नोएडा के जेपी ग्रीन सोसाइटी में लगाया गया, लेकिन कोविन पोर्टल से डाउनलोड किये सर्टिफिकेट में टीकाकरण का स्थान अलीगढ़ दिखाया गया। अब सोसायटी के लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पूछा है कि अगर वैक्सीन नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी में लगाई गई तो उसका सर्टिफिकेट अलीगढ़ का कैसे आया। अलीगढ़ के नाम पर जारी होने वाले प्रमाण पत्र वाली वैक्सीन को नोएडा में कैसे लगाया गया। इस पूरे टीकाकरण अभियान की जांच कराएं। ताकि उन लोगों को इस बात का पता लग सके जो टीका लगाया गया है वह वास्तव में असली है या नहीं।
इस मामले में यूपी के स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ डीएस नेगी का कहना है कि जिस वैक्सीन का क्रमांक जिस जिले के लिए होगा वह किसी दूसरी जगह तो लग ही नहीं सकती। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।