Site icon Buziness Bytes Hindi

आरजीपीजी काॅलेज में राष्ट्रीय वेबीनार आयोजित


आरजीपीजी काॅलेज में राष्ट्रीय वेबीनार आयोजित

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर की चर्चा

मेरठ। रघुनाथ गल्र्स पीजी काॅलेज मेरठ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर एक राष्ट्रीय वेबीनार आयोजित किया गया। इसका विषय नेशनल एजुकेशन पाॅलिसी 2020 एंड Mini its sustainability in higher education था। इस वेबीनार का आयोजन एवं संयोजन डाॅक्टर पूनम लखन पाल संस्कृत विभाग अध्यक्ष ने आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डाॅक्टर सीमा जैन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष के साथ सम्मिलित रूप से किया ।

वेबीनार का प्रारंभ काॅलेज प्रबंधन सचिव एवं पैटर्न माननीय डाॅ मनमोहन नाथ सेठ के आशीष वचन से हुआ। उन्होंने कहा की नई शिक्षा नीति 2020 एक न्याय पूर्ण समाज के विकास और राष्ट्रीय विकास के लिए अति आवश्यक है। काॅलेज प्राचार्य डाॅक्टर दीपशिखा शर्मा ने सम्मानित अतिथियों एवं श्रोतागणों का स्वागत किया एवं उच्चतर शिक्षा नीति के बारे में बताया।

चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रोवीसी प्रोफेसर वाई विमला वेबीनार की विशिष्ट अतिथि ने समझाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 27 अध्याय एक दूसरे के पूरक हैंेै। नई नीति से प्रैक्टिकल्स को दिनचर्या से जोड़ पाएंगे। मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजीव कुमार गुप्ता ने बताया नई शिक्षा नीति 2020 छात्रों के चरित्र निर्माण में सहायक होगी।

मुख्य वक्ता कर्नल ए शेखर एजुकेशनल कंसलटेंट बेंगलुरु ने ए क्रिटिकल रिव्यू ऑफ नेशनल एजुकेशन पाॅलिसी 2020 पर अपने विचार रखते हुए इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। प्रोफेसर गुंजन दुबे शिक्षा विभाग अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने कहा, इस शिक्षा नीति की दृष्टि दूरगामी हैं।

यह नीति उच्चतर शिक्षा को समग्र और बहु विषयक शिक्षा की ओर ले जाएगी। डाॅ अनिल दत्त गांधीवादी वरिष्ठ अध्यक्ष एसआई एसएस नई दिल्ली ने कहा की पूरे देश में शिक्षकों के हजारों पद खाली अथवा रिक्त हैं फिर नए विश्वविद्यालयों का क्या औचित्य बनता है। मेजर आरडी भार्गव निर्देशक एमएस रमैया स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज ने इस नीति को सार्वभौमिक एवं बहु विषयक शिक्षा बतलाया।

अंत में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विश्व राज शर्मा ने ट्रांसफाॅर्मिंग ऑफ रेगुलेटरी सिस्टम ऑफ हायर एजुकेशन एंड ऑटोनॉमी ऑफ काॅलेज विषय पर चर्चा की। डाॅ रेनू जैन विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग ने सबका आभार व्यक्त किया । डाॅक्टर सीमा जैन ने सब के सुझावों को संक्षेप में बतलाया। वेबीनार के अंत मे संयोजिका पूनम लखन पाल ने सबको धन्यवाद दिया। डाॅक्टर अंजुला राजवंशी, डाॅ बीना राय, डाॅ अर्चना रानी, डाॅ सुनीता चैधरी ने कार्यक्रम का संचालन किया। डाॅ गरिमा मलिक, डाॅ अमिता शर्मा, डाॅक्टर बबीता मांझी का विशेष सहयोग रहा। वेबीनार में लगभग 300 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया।

Exit mobile version