अमृतसर। पांच घंटे तक चली मुठभेड़ और 120 राउंड फायरिंग के बाद आखिरकार पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े दो शूटर मनप्रीत सिंह मनु और जगरूप सिंह रूपा ढेर हो गए। पंजाब पुलिस ने को दोनों शूटरों को ढेर करने में पांच घंटे का समय लग गया। ये दोनों अटारी बार्डर के पास गांव भकना में एक सुनसान कोठी में छिपे हुए थे। दिन में करीब 11 बजे शुरू हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से ताबड़तोड़ 120 राउंड गोलियां चली। इसके बाद शाम को 4 बजे मुठभेड़ समाप्त हुई।
मुठभेड़ के बाद लोग घरों से निकलकर गांव में एकत्र होने लगे। दोनों शूटरों के मारे जाने के बाद पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने मनप्रीत सिंह मनु और जगरूप सिंह रूपा के मारे जाने की पुष्टि की। पुलिस ने मौके से एके-47 और पिस्टल बरामद की है। शूटर गैंगस्टरों के पास एके-47 जैसे आधुनिक हथियार थे। जिनकी मदद से वो लगातार पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए।
इससे पहले दोनों तरफ से लगभग 120 राउंड गोलियां चली थी। पुलिस के कमांडो लगातार हवेली के भीतर घुसने की कोशिश करते रहे। लेकिन जैसे ही वह आगे बढ़ते, शूटर गैंगस्टर फायरिंग शुरू कर देते थे। इसके बाद पुलिस की दो गाड़ियां हथियार लेकर हवेली तक तरफ पहुंची। मौके पर बख्तबंद वाहन बुलाए गए। पाकिस्तानी सीमा के पास सुनसान इलाके में बनी पुरानी हवेली में गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मनु व जगरूप सिंह उर्फ रूपा छिपे हुए थे। इनके पास एके-47 सहित भारी मात्रा में हथियार थे। इस कारण मुठभेड़ के दौरान बुलेट प्रूफ गाड़ियां मंगवाई गईं थी।
मनप्रीत और रूपा दोनों सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले शूटरों में शामिल थे। जिन्हें एक वीडियो फुटेज में पिछले दिनों मोगा में घूमते देखा था। अमृतसर में पाकिस्तानी सीमा के अटारी पास पुलिस और गैंगस्टरों के बीच पांच घंटे से अधिक समय तक मुठभेड़ चली। पुलिस ने बुलेटप्रूफ गाड़ियों का प्रयोग किया। इससे पहले, अमृतसर पुलिस की कई गाड़ियां एनकाउंटर साइट पर बैकअप टीम के तौर पर पहुंची। गायक मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी।

