PFI Protests in Kerala: केंद्रीय जांच एजेंसियों की छापेमारी के विरोध में पीएफआई का आज केरल बंद का आह्वान

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नई दिल्ली। देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े लोगों पर एनआइए और ईडी ने गुरुवार को 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसियों ने टेरर फंडिंग मामले में पीएफआई सदस्यों को बड़ी संख्या में गिरफ्तार किया। केंद्रीय जांच एजेंसी की छापेमारी की कार्रवाई के खिलाफ पीएफआई ने आज शुक्रवार को ‘केरल बंद’ का आह्वान किया है। एक बयान में पीएफआई ने कहा है कि  शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी नियंत्रित दमनकारी शासन द्वारा फैलाए आतंक का हिस्सा है। इसके साथ पीएफआई के राज्य सचिव ए अबूबक ने कहा, हमारी हड़ताल नियंत्रित शासन के फासीवादी उपायों का विरोध करने को है। हम लोकतांत्रिक ताकतों से समर्थन की आज के बंद में उम्मीद करते हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पीएफआई नेताओं ने कहा कि कार्यालयों से जब्त किए कुछ जनसंपर्क दस्तावेजों को गुप्त दस्तावेज करार दिया है।

बंद के आह्वान को देखते हुए सरकार ने जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। अगर कोई कानून तोड़ता है, गड़बड़ी करता है तो सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। गुरुवार को एनआईए और ईडी की संयुक्त टीम ने केरल के 10 जिलों में पीएफआई नेताओं के ऑफिस और घरों पर छापेमारी की गई। कई नेताओं को गिरफ्तार किया और दस्तावेज जब्त किए गए। कई जगहों पर गुस्साए लोगों ने छापेमारी को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बलों और जवानों ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी। घटनाक्रम से वाकिफ लोगों के अनुसार देशभर में छापेमारी में सबसे अधिक 22 गिरफ्तारियां केरल में हुई। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएफआई विचारक पी कोया, राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमए सलाम, राष्ट्रीय सचिव नसरुद्दीन और प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

इन गिरफ्तार किए लोगों को ट्रांजिट वारंट हासिल कर दिल्ली ले जाया जाएगा। गिरफ्तार किए लोगों पर आतंकी फंडिंग, युवाओं को अशांत क्षेत्रों में भेजना, देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति फैलाने और हिंसा भड़काने के आरोप हैं। वहीं, भाजपा ने केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा पीएफआई पर छापेमार कार्रवाई की सराहना की। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रन ने कहा कि आतंकवादी संगठन हड़ताल कैसे कर सकते हैं? इसे लागू करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

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